विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेलवे का नहीं होगा निजीकरण, रेल मंत्री बोले-यह राष्ट्र की संपत्ति है और रहेगी

By Test2 test2Edited By:
Published: Fri, 13 Mar 2015 09:26 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 13 Mar 2015 09:33 AM (GMT+05:30)

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में किसी तरह का कोई निजीकरण नहीं होगा। निजी क्षेत्र की सहभागिता के बावजूद रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है और रहेगी।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। सरकार द्वारा पीपीपी मॉडल के तहत रेलवे में निवेश को बढ़ावा दिए जाने से उसके निजीकरण की राह पर जाने की आशंकाओं पर रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने लगाम लगाई है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में किसी तरह का कोई निजीकरण नहीं होगा। निजी क्षेत्र की सहभागिता के बावजूद रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है और रहेगी।

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल मंत्री ने बडे़ पैमाने पर कर्ज लेकर रेलवे के विस्तार की आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यात्री किराए और मालमाडे़ में वृद्धि करने तथा बजटीय आवंटन के पारंपरिक तरीके से हम लंबित परियोजनाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे। साथ ही उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या इसके लिए यात्री और माल किराया बढाएं?

इसके साथ ही लोकसभा ने रेलवे की वर्ष 2015-16 के लिए लेखानुदान की मांगों और 2014-15 के अनुदान की अनुपूरक मांगों तथा इससे जुडे विनियोग विधेयकों को ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी।

पढ़ें : अब बढ़ी रेलवे के काम की रफ्तार