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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेल ट्रैक पर कचरा फेंका तो पांच हजार जुर्माना

By Sachin kEdited By:
Published: Wed, 18 Mar 2015 09:39 PM (IST)Updated: Thu, 19 Mar 2015 12:25 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को हरित न्यायाधिकरण के एक बड़े फैसले ने काफी ताकत दे दी है। ...और पढ़ें

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माला दीक्षित, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को हरित न्यायाधिकरण के एक बड़े फैसले ने काफी ताकत दे दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने रेलवे को पटरियों की साफ-सफाई का आदेश देते हुए इसके किनारे कचरा फेकने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने को कहा है। रेलवे संरक्षित क्षेत्र में पड़ने वाले मकान के आगे अगर कचरा दिखता है तो उसकी जिम्मेदारी मकान मालिक की होगी।

न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी की पीठ ने रेलवे स्टेशनों व रेल लाइन के किनारे गंदगी का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को यह आदेश दिया। पीठ ने रेलवे को कहा कि वह रेल लाइन व उसके किनारे के संरक्षित क्षेत्र को साफ करे।

एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली अर्बन शेल्टर बोर्ड व अन्य एजेंसियां इस काम में रेलवे की जरूरी मदद करेंगी। ट्रिब्यूनल ने एमसीडी को रेलवे द्वारा चिह्नित स्थानों पर कूड़ेदान रखने का भी आदेश दिया। पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा उठाए गए आर्थिक संकट के मसले पर ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार से जरूरी मदद देने को कहा।

अनधिकृत बस्तियों को हटाकर दूसरी जगह बसाने का निर्देश

ट्रिब्यूनल ने गंदगी का स्थाई हल निकालने के लिए एमसीडी से कहा कि रेल लाइन के किनारे बसी अनधिकृत बस्तियों को हटाकर दूसरी जगह बसाया जाए। यह काम छह महीने में पूरा कर लिया जाए। शौच आदि से होने वाली गंदगी रोकने के लिए एमसीडी को बस्तियों में मोबाइल टॉयलेट रखने का आदेश दिया। पीठ ने रेलवे से विशेष तौर पर कहा कि वह सदर से सब्जी मंडी जाने वाली लाइन के किनारे सफाई करके वहां पौधे लगाए।

कचरा निस्तारण की स्थाई व्यवस्था करने पर जोर

ट्रिब्यूनल ने कचरा निस्तारण की स्थाई व्यवस्था करते हुए रेलवे से अपना सारा सूखा कचरा ओखला व गाजीपुर के कचरा निस्तारण प्लांट ले जाने को कहा। वहां कचरे से बिजली पैदा की जाती है। ओखला का प्लांट फिलहाल चालू है, लेकिन गाजीपुर का प्लांट अभी चालू होना है। इसे देखते हुए दिल्ली के बिजली सचिव को गाजीपुर का प्लांट जून तक चालू करा देने को कहा गया। रेल के डिब्बों की धुलाई से होने वाली गंदगी के शोधन के लिए रेलवे को कचरा शोधन संयंत्र लगाने का निर्देश दिया गया।

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