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पाक ने दोस्ती को बनाया तमाशा: मोदी

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आई हालिया खटास पर अपनी खामोशी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि पाक की ओर से संबंध सुधार की कोशिशों को तमाशा बनाने से बात बिगड़ी। विदेश सचिव वार्ता को रद किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री ने दो-टूक कहा कि दोनों मुल्कों के बीच बातचीत से ऐन पहले

By Edited By: Published: Sat, 30 Aug 2014 09:12 AM (IST)Updated: Sat, 30 Aug 2014 01:23 PM (IST)
पाक ने दोस्ती को बनाया तमाशा: मोदी

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आई हालिया खटास पर अपनी खामोशी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि पाक की ओर से संबंध सुधार की कोशिशों को तमाशा बनाने से बात बिगड़ी। विदेश सचिव वार्ता को रद किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री ने दो-टूक कहा कि दोनों मुल्कों के बीच बातचीत से ऐन पहले पाकिस्तान की कश्मीर के अलगाववादियों से मुलाकात ने भारत को निराश किया।

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पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण, दोस्ताना और सहयोग के रिश्तों के लिए भारत की ओर से कोशिशों की पैरवी के साथ ही प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्थक बातचीत तभी संभव है जब माहौल ¨हसा व आतंकवाद से मुक्त हो।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब सीमा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन और गोलीबारी का ग्राफ बीते कुछ महीनों में तेजी से बढ़ा है। जापान यात्रा से पहले जापानी मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-पाक रिश्तों से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मई 2014 में शपथ-ग्रहण में आए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से उनकी मुलाकात काफी अच्छी रही थी।

दोनों के बीच विदेश सचिवों के मिलने और संबंध सुधार पर आगे का रास्ता तय करने को लेकर सहमति बनी थी। लेकिन, पाकिस्तान ने जिस तरह इन कोशिशों को तमाशा बनाते हुए विदेश सचिव वार्ता से पहले जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से नई दिल्ली में मुलाकात का रास्ता अपनाया उसने निराश किया। भारत पहले ही बता चुका है कि वह शिमला समझौते और लाहौर घोषणा-पत्र के दायरे में रहते हुए पाकिस्तान के साथ किसी भी लंबित मुद्दे पर बातचीत को तैयार है।

उल्लेखनीय है कि भारत की ओर से आगाह किए जाने के बावजूद पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने 18 और 19 अगस्त को कश्मीरी अलगाववादियों से दिल्ली में मुलाकात की थी। पाकिस्तान के इस रवैये पर अपनी सख्त आपत्ति जताने के साथही भारत ने 25 अगस्त को निर्धारित हुई विदेश सचिव स्तर की बातचीत को रद करने का फैसला किया था।

विकास विजन में सबका सहयोग प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले मीडिया साक्षात्कार में मोदी ने जापानी पत्रकारों को अंतराष्ट्रीय संबंधों की नजाकत के बीच अपने विकास विजन को भी बखूबी सामने रखा। मोदी ने चीन और जापान के बीच रिश्तों में मौजूदा तनाव के बीच दोनों के साथ भारत के बेहतर रिश्तों और विकास साझेदारी का नजरिया पेश किया।

प्रधानमंत्री ने भारत के सबसे बड़े पड़ोसी चीन को विदेश नीति की प्राथमिकता करार देने के साथ ही विकास के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग की सभी संभावनाओं को दोहन पर भी जोर दिया।

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