PreviousNext

श्रीनगर में अलगाववादियों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा चाक-चाैबंद

Publish Date:Fri, 23 Sep 2016 09:41 AM (IST) | Updated Date:Fri, 23 Sep 2016 10:25 AM (IST)
श्रीनगर में अलगाववादियों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा चाक-चाैबंद
श्रीनगर में आज अलगाववादियों के प्रदर्शन को देखते हुए यहां के चार थाना क्षेत्रों में अतिरिक्‍त चौकसी बरती जा रही है। यहां लगातार 77 वें दिन भी बाजार समेत स्‍कूल और कॉलेज बंद हैं।

श्रीनगर (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर में आज होने वाले अलगाववादियों के प्रदर्शन को देखते हुए श्रीनगर में पुलिस के जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। यहां जारी तनाव के 77वें दिन भी व्यापारिक प्रतिष्ठान समेत सभी चीजें लगभग बंद हैं। प्रदर्शन को देखते हुए श्रीनगर के तीन पुलिस थाने अनंतनाग, शोपियां पुलवामा और कुलगाम में जबरदस्त चौकसी बरती जा रही है।

गौरतलब है कि सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए जैश के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद राज्य में लगातार प्रदर्शन और हिंसा का दौर जारी है। इसके चलते लगातार यहां पर अतिरिक्त चौकसी भी बरती जा रही है। हिंसा को रोकने के लिए कई जगहों पर भीड़ को एकत्रित होने पर भी सुरक्षाबलों की नजर है। आज होने वाली नमाज को देखते हुए भी सुरक्षा चाक चौबंंद है।

हालांकि पिछले पांच दिनों के अंदर वादी में हालात कुछ सुधरे हैं और सड़कों पर लोगों के अलावा वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है। अलगाववादियों के प्रदर्शन और तनाव के चलते यहां पर सभी बाजार, व्यवसायिक वाहन, समेत स्कूल और कॉलेज को बंद रखा गया है। इकसे अलावा घाटी और जम्मू के बीच ट्रेन सेवा को भी फिलहाल स्थगित ही रखा गया है।

अलकायदा ने पाकिस्तान को बताया 'धोखेबाज', कहा- होशियार रहें कश्मीरी

कश्मीर पर अलग थलग पड़े पाक का छलका दर्द, कहा- दुनिया नहीं दे रही ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़ी सभी खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

कश्मीर से जुड़ी सभी खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

जम्मू कश्मीर से जुड़ी सभी खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
Web Title:Kashmir shut for 77th day separatist called protest march(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

कमेंट करें

SC का बड़ा फैसला, निजी मेडिकल कॉलेजों की काउंसिलिंग के दाखिले रदहैरान कर देंगी ये सच्‍चाई... स्‍कूल से महरूम हैं 8.4 करोड़ भारतीय बच्‍चे
यह भी देखें

संबंधित ख़बरें

जनमत

पूर्ण पोल देखें »