यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जेवर से आगरा तक स्मार्ट सिटी परियोजना लागू
यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी की सोमवार को हुई 53वीं बोर्ड बैठक में 17 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। फेज-2 मास्टरप्लान-2031 को बोर्ड ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी की सोमवार को हुई 53वीं बोर्ड बैठक में 17 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। फेज-2 मास्टरप्लान-2031 को बोर्ड ने पास कर दिया है। इस मास्टरप्लान में जेवर से लेकर अलीगढ़, हाथरस, मथुरा व आगरा एरिया के 955 गांवों को शामिल किया है। फेज-2 मास्टरप्लान के तहत 21 लाख लोग बसाए जाएंगे। जेवर से लेकर आगरा तक यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे-किनारे हाईराइज इमारतें बनाई जाएंगी।
प्राधिकरण के सीईओ पीसी गुप्ता ने बताया कि मथुरा, आगरा, अलीगढ़, हाथरस जनपद के 955 गांवों को फेज दो मास्टर प्लान में 2031 में शामिल किया गया है। इसमें 112 गांव गैर आबादी वाले हैं। 105 गांवों को प्राधिकरण अर्बन सेंटर के तौर पर विकसित करेगा। यह सेंटर आगरा, अलीगढ़ में टप्पल, मथुरा में राया व हाथरस में होंगे। बोर्ड ने टप्पल व राया के अर्बन सेंटर के लैंड यूज व मास्टर प्लान को भी मंजूरी दी है।
टप्पल अर्बन सेंटर : 11101.40 हेक्टेयर आवासीय : 2113.3 हेक्टेयर क्षेत्र
व्यवसायिक : 511.78 हेक्टेयर
औद्योगिक : 1798.02 हेक्टेयर मिश्रित उपयोग : 1609.82 हेक्टेयर परिवहन के लिए : 1485.54 हेक्टेयर रिक्रीएशनल : 1754.71 हेक्टेयर ऑफिस : 167.52 हेक्टेयर सेमी पब्लिक : 775.91 हैक्टेयर संस्थागत : 329.02 हेक्टेयर जलापूर्ति व हरित : 103.50 हेक्टेयर राया (मथुरा) अर्बन क्षेत्र: 9366.2 हेक्टेयर आवासीय : 1580.5 हेक्टेयर व्यवसायिक : 440.46 हेक्टेयर औद्योगिक : 1882.7 हेक्टेयर मिश्रित उपयोग : 238.3 हेक्टेयर परिवहन : 1400.12 हेक्टेयर रिक्रीएशनल : 1497.9 हेक्टेयर आफिस : 137.8 हेक्टेयर स मी पब्लिक : 807.3 हेक्टेयर रिवर फ्रंट विकास : 109.7 हेक्टेयरटूरिस्ट जोन : 731 हेक्टेयर जलापूर्ति व्यवस्था : 102.2 हेक्टेयर
2031 तक 21 लाख होगी आबादी
यमुना प्राधिकरण का अनुमान है कि फेज दो में शामिल 736 गांवों की आबादी वर्ष 2031 तक 21 लाख होगी। इसे देखते हुए प्राधिकरण इन गांवों को चार श्रेणियों के हिसाब से विकसित करेगा। 31 गांवों को रूरल सर्विस सेंटर, 59 गावों को बेसिक विलेज व 646 गांवों को हेमलेट में बांट कर विकसित किया जाएगा।
वहीं टप्पल अर्बन सेंटर की आबादी 2031 तक 12.75 लाख होगी। इसमें करीब 226.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके विकसित होने पर 1.95 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। राया अर्बन सेंटर की आबादी भी 9.76 लाख होगी। इसमें 303.07 करोड़ का निवेश व 1.69 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान लगाया गया है।
राया अर्बन सेंटर बनेगा टूरिस्ट जोन
प्राधिकरण मथ रा जिले में विकसित होने वाले राया अर्बन सेंटर को टूरिस्ट जोन की तर्ज पर विकसित होगी। वृंदावन व राया के बीच पर्यटकों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्राधिकरण ने टूरिस्ट जोन के लिए जमीन आरक्षित की है।
फेज वन में जलापूर्ति की मास्टर प्लान भी मंजूर
प्राधिकरण ने फेज वन में जलापूर्ति के मास्टर प्लान को भी मंजूरी दे दी है। सीवर, बिजली आदि के प्लान को पहले ही बोर्ड बैठकों में मंजूरी मिल चुकी है। मास्टर प्लान 2031 के मुताबिक यमुना क्षेत्र में 731 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। 291 एमएलडी की मांग गंगा जल से व 440 एमएलडी की मांग को भूमिगत पानी से पूरा किया जाएगा। 268 ट्यूबवेल, दो यूजीआर व ओवर हैड टैंक बनाए जाएंगे। प्राधिकरण 382 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
सेक्टरों के ले आउट प्लान को भी दी मंजूरी
प्राधिकरण ने सेक्टर 32, 33, 24ए, 13 व 24 के संशोधित लेआउट प्लान को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी। प्राधिकरण ने जनहित की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सेक्टरों के ले आउट प्लान में संशोधन किया है।
