PreviousNext

FULLTIME COURSE एक साथ दो डिग्री नहीं

Publish Date:Wed, 04 Sep 2013 10:42 AM (IST) | Updated Date:Wed, 04 Sep 2013 12:00 AM (IST)
FULLTIME COURSE एक साथ दो डिग्री नहीं

मैं एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीसीएम से ग्रेजुएशन कर रहा हूं। इसके बाद एमबीए और आईटी के लिए सोच रहा हूं। प्लीज मुझे सजेस्ट करें कि मैं क्या करूूं? मैं डिसाइड नहीं कर पा रहा हूं।

अतुल सोनी

बहुत कुछ करने के बारे में सोचने के बजाय आप सबसे पहले ठंडे दिमाग से सोचें कि आपकी जो क्षमता और योग्यता है, उसे देखते हुए आपके लिए कौन-सा फील्ड ठीक रहेगा। इस बारे में अपनी फैमिली और फ्रेंड सर्किल में भी डिस्कस कर लें। जरूरत महसूस हो, तो किसी काउंसलर की भी मदद ले सकते हैं। इसके बाद ही तय करें कि आपके लिए पहले एमबीए करना ठीक रहेगा या एमसीए? अपनी एबिलिटी और इंट्रेस्ट को देखने के बाद ही डिसाइड करें। चूंकि आपका फ्रेंड या आपका ग्रुप कोई खास कोर्स कर रहा है, इसलिए आप भी वही कोर्स करेंगे, इस तरह की सोच कतई न रखें। आपका जो मन हो, जिसमें आप बेस्ट करके दिखाने का पैशन रखते हों, उसी दिशा में अपने कदम आगे बढाएं।

मैंने कम्प्यूटर एप्लीकेशन के बेसिक्स सीखे हैं। पार्टटाइम जॉब करना चाहता हूं। इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए?

विवेक जायसवाल

अगर आपने कम्प्यूटर की एडवांस ट्रेनिंग ली है और ऑफिस, शॉप्स आदि में होने वाले रोजमर्रा के व‌र्क्स, जैसे-डाटा एंट्री, इनवॉयस, बिलिंग, टाइपिंग, डिजाइनिंग आदि की नॉलेज रखते हैं, तो पार्टटाइम जॉब के लिए ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए आप विभिन्न संस्थानों में जाकर अपना बायोडाटा दे सकते हैं। उसके साथ एक कवरिंग लेटर भी जरूर लगाएं कि आप क्या-क्या कर सकते हैं? साथ में यह भी जरूर लिखें कि आप नए काम सीखने में भी इंट्रेस्ट लेंगे। इससे आपके इनिशिएटिव अप्रोच का पता चलेगा। इसके अलावा, बडी मोबाइल कंपनियों, ऑटोमोबाइल कंपनियों, डीलर्स, मॉल्स, शॉप्स चेन्स आदि में भी कॉन्टैक्ट करके पार्टटाइम वर्क के लिए प्रयास कर सकते हैं।

मैं रेगुलर कोर्स से बीएड कर रहा हूं, जिसका सेशन 2013-14 है। क्या इसी यूनिवर्सिटी के डिस्टेंस लर्निग मोड से 2013-15 में एमए कर सकता हूं? या फिर किसी और यूनिवर्सिटी से करेस्पॉन्डेंस कोर्स कर सकता हूं?

शुभचंद्र कुमार

बीएड और एमए दोनों ही फुलटाइम कोर्स हैं। यूजीसी के नियमों के अनुसार आप दो फुलटाइम कोर्स एक साथ नहीं कर सकते। एक फुलटाइम कोर्स कम्पलीट होने के बाद ही दूसरा फुलटाइम कोर्स किया जा सकता है। अगर आपने किसी तरह एक साथ ऐसे दोनों कोर्स कर भी लिए, तो उन्हें एक साथ शो नहीं कर सकते। इसमें से एक डिग्री लीगल नहीं मानी जाएगी। बेहतर यही होगा कि एक कोर्स पूरा करने के बाद ही आप दूसरा कोर्स करें। हां, आप एक फुलटाइम कोर्स के साथ पार्टटाइम में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स जरूर कर सकते हैं।

मैंने सीनियर सेकंडरी पीसीएम से पास किया है। आगे कम्प्यूटर साइंस से बीएससी रेगुलर कोर्स के रूप में करना चाहता हूं। मुझे किसी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट या कॉलेज के बारे में बताएं। साथ में यह भी बताएं कि कौन-कौन से सब्जेक्ट लूं?

नवीन यादव

गवर्नमेंट कॉलेज या इंस्टीट्यूट लगभग देश के हर जिले और शहर में होते हैं, लेकिन आपको गवर्नमेंट कॉलेज पर ध्यान देने की बजाय अच्छे कॉलेज पर ध्यान देना चाहिए। जिस कॉलेज या इंस्टीट्यूट की फैकल्टी अच्छी हो, रेगुलर क्लासेज चलते हों, जहां एडवांस लैब फैसिलिटी और रिच लाइब्रेरी हो, वह कॉलेज आपके लिए हर लिहाज से बेस्ट हो सकता है। डीप थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल स्टडी के लिए कॉलेज में ये सारी विशेषताएं होनी जरूरी हैं। जहां तक सब्जेक्ट की बात है, तो आपको वही चुनना चाहिए, जिसमें आपका इंट्रेस्ट हो।

अगर आप दूसरों को देखकर सब्जेक्ट्स सलेक्ट करेंगे, तो हो सकता है कि इंट्रेस्ट न होने के कारण आप उसमें बेटर परफॉर्म न कर पाएं। लेकिन अगर सब्जेक्ट आपकी पसंद के होंगे, तो उसे पढने में आपको मजा आएगा।

मैंने साइकोलॉजी ऑनर्स से ग्रेजुएशन किया है। फिलहाल एक प्राइवेट कॉलेज से एमबीए कर रहा हूं। मैं जानना चाहता हूं कि कौन-सा स्पेशलाइजेशन मेरे लिए बेस्ट होगा? मैं एचआर और मार्केटिंग लेना चाहता हूं। इन दोनों के फ्यूचर स्कोप के बारे में भी बताएं।

संजीवन कुमार

आज के कॉरपोरेट एज में एमबीए के हर सेक्शन की डिमांड काफी बढ गई है, चाहे वह ह्यूमन रिसोर्स, मार्केटिंग, फाइनेंस आदि में से कुछ भी क्यों न हो। जहां तक एचआर यानी ह्यूमन रिसोर्स में स्पेशलाइजेशन की बात है, तो इसके एक्सप‌र्ट्स की जरूरत हर कॉरपोरेट कंपनी को होती है। आज के समय में सभी कंपनियों में एचआर डिपार्टमेंट होता है, जो कंपनी के सभी एम्प्लॉयीज और मैनेजमेंट के बीच ब्रिज का काम करता है। न्यू हायरिंग और इससे जुडे प्रॉसेस भी एचआर के जरिए ही होते हैं।

एक तरह से एचआर मैनेजमेंट के एक्सपर्ट ऑफिस में रहकर ही काम करते हैं। जहां तक मार्केटिंग मैनेजमेंट की बात है, तो इसके एक्सपर्ट ज्यादातर फील्ड वर्क से जुडे होते हैं। कंपनी के लिए नये क्लाइंट सर्च करना, पुराने क्लाइंट से अच्छे रिलेशन मेंटेन करते हुए उनसे रेगुलर बिजनेस लेना इनका मुख्य काम होता है। अगर आपकी कम्युनिकेशन स्किल स्ट्रॉन्ग है और फील्ड में डेली भाग-दौड करने में सक्षम हैं, तो मार्केटिंग बेहतर होगा, अन्यथा एचआर बेस्ट है। इस बारे में अपनी एबिलिटी को जज कर लें, फिर डिसीजन लें।

करियर से संबंधित सवाल

counselor@nda.jagran.com

पर ईमेल करके पूछ सकते हैं..

अरुण श्रीवास्तव

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

कमेंट करें

WEAKNESS को बनाएं अपनी ताकत AFTER DIPLOMA डायरेक्ट एडमिशन इन बीटेक
अपनी प्रतिक्रिया दें
  • लॉग इन करें
अपनी भाषा चुनें




Characters remaining

Captcha:

+ =


आपकी प्रतिक्रिया
  • img

    Vinay

    Mai session 2015-17 me d.el.ed kar raha hoo.regular mode se.kya mai distance mode se b.ed sessin 2016 -18 me e admission le sakta hoo.aur dono deegri manya hoga

यह भी देखें

संबंधित ख़बरें