Move to Jagran APP

जलस्तर बढ़ने से तिरहुत तटबंध में रिसाव शुरू

By Edited By: Published: Tue, 19 Aug 2014 01:06 AM (IST)Updated: Tue, 19 Aug 2014 01:06 AM (IST)

संवाद सूत्र, लालगंज

loksabha election banner

गंडक का जलस्तर बढ़ने से तिरहुत तटबंध में रिसाव शुरु हो गया है। बसंता जहानाबाद से बलुआ बसंता तक करीब एक किलोमीटर तक नदी तटबंध को छूते हुए बह रही है। कई जगह बांध के किनारे लगे वृक्षों के धराशायी होने का सिलसिला शुरु हो गया है।

नदी के उफन कर बहने से तटवर्ती क्षेत्र के लोगों को बांध के टूटने का भय सताने लगा है। लोग दिन-रात बांध की रखवाली में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नदी बांध से दूर बहती थी। उस समय नदी का कटाव सारण जिले के तटबंधों की तरफ था। चार से पांच वर्ष पूर्व छपरा के पोन्हवा में बांध बनाकर जलधारा को मोड़ दिया गया। जिसके कारण इन क्षेत्रों में कटाव शुरू हो गया। 2010 में बांध पर मिट्टी की भराई की गई और उस पर पहले से लगे ईट की सोलिंग को हटा दी गई। फिर इस पर सोलिंग नहीं की गई। जिसके कारण बांध में दरार उत्पन्न हो गया है। तेज जलधारा ने बांध को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे बांध से रिसाव शुरू हो गया है। ग्रामीण अपने स्तर से इसे बंद कर रहे हैं। लोजपा प्रखंड अध्यक्ष अनिल राय, मुखिया पति अवधेश सिंह, आमोद चौरसिया, संजय सिंह, सत्येंद्र सिंह, लालबाबू सहनी आदि सैकड़ों लोगों ने जिला प्रशासन से बांध को बचाने के लिए बोल्डर पीचिंग व अन्य कोई उपाय करने की मांग की है। अभी तक विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया है। अगर इसी तरह बाढ़ से कटाव जारी रहा तो बांध कभी भी टूट सकता है।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.