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अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक उपकरण सहायक

Publish Date:Sat, 28 Sep 2013 07:31 PM (IST) | Updated Date:Sat, 28 Sep 2013 07:32 PM (IST)
अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक उपकरण सहायक

जागरण संवाददाता, डेहरी-आन-सोन (रोहतास) : वैज्ञानिक तरीके से किये जा रहे अनुसंधान से राज्य के कई बड़े अपराधों का खुलासा अब तक हो चुका है। जिले में घटित आपराधिक घटनाओं के वैज्ञानिक अनुसंधान कर पुलिस अधिकारी वास्तविक अपराधी को सजा दिलायेंगे। विधि-विज्ञान प्रयोगशाला के आमूर्त विशेषज्ञों मो.मुस्ताक अहमद व आरपी ओझा ने शनिवार को सिंचाई निरीक्षण भवन में जिले के थानाध्यक्षों को अपराध के अनुसंधान के वैज्ञानिक तरीके सिखाये। विशेषज्ञों ने घटनास्थान पर गिरे ब्लड व गोलियों के जब्त कर उसके रखने के तरीकों की जानकारी दी। कहा कि प्रयोगशाला में कई अत्याधुनिक उपकरण क्रय किए गए है जिससे काफी कुछ जानकारियां मिल रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण में वैज्ञानिक अनुसंधान के महत्वों पर प्रकाश डाला। मौके पर जिले के सभी थानों के थानाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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