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राशि की हो गई निकासी, नहीं बन सका विद्यालय भवन

मधेपुरा । जिला के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में वर्षों से लंबित करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न वि

By Edited By: Published: Sun, 28 Aug 2016 03:01 AM (IST)Updated: Sun, 28 Aug 2016 03:01 AM (IST)

मधेपुरा । जिला के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में वर्षों से लंबित करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों पर हड़पने का आरोप लगा है। लेकिन पूरे मामले में सर्व शिक्षा अभियान की भूमिका भी कम हैरत करने वाली नहीं है। इन लंबित राशि में विभाग की ओर से कई बार प्राथमिकी दर्ज करने तक का आदेश निकाले गये। लेकिन आज तक किसी के खिलाफ कभी सख्त कदम नहीं उठाया गया। इतना ही नहीं अधिकांश पर निकला प्राथमिकी आज भी विभाग ठंडे बस्ते में पड़ा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी जिले के विभिन्न विद्यालयों में कुल 414 कमरे की राशि का उठाव होने के बावजूद कमरा नहीं बना है। इसमें कुछ भवन कार्य वित्तीय वर्ष 2007-08 तक का है। लेकिन हैरानी की बात है कि इतनी पुरानी राशि का अभी तक विभाग रिकवरी क्यों नहीं कर पाया है।

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मामले का दिलचस्प पहलू यह भी है कि भवन निर्माण जिला में केवल भ्रष्टाचार की कहानी नहीं हो रहा बल्कि भवन निर्माण के नाम पर विभागीय आंख मिचौली जैसे प्रतिनियोजन का खेल भी जोर शोर से चल रहा है। कई ऐसे शिक्षक हैं जो कुमारखंड में पदस्थापित हैं लेकिन भवन निर्माण कार्य को लेकर मधेपुरा में प्रतिनियोजित हैं। भवन निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल स्वयं जिला के एक बीईओ ने शनिवार के बैठक में खोला। उन्होंने बैठक में कहा कि विभागीय नरमी के कारण ही कई शिक्षक भले ही विद्यालय में गेट नहीं लगा रहे हो लेकिन अपना घर में भव्य गेट जरूर लगा रहे हैं।

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जो प्रधान शिक्षक भवन निर्माण कार्य पूरा करने के बावजूद एनओसी से वंचित हैं, वो तत्काल डीपीओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

शिवशंकर राय

डीपीओ

सर्व शिक्षा अभियान, मधेपुरा


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