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'गीता और गुरु दोनों हैं सृष्टि के मार्गदर्शक'

संवाद सूत्र, मटिहानी (बेगूसराय) : शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में केएल उच्च विद्यालय मटिहानी के

By Edited By: Published: Thu, 29 Jan 2015 06:50 PM (IST)Updated: Thu, 29 Jan 2015 06:50 PM (IST)

संवाद सूत्र, मटिहानी (बेगूसराय) : शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में केएल उच्च विद्यालय मटिहानी के प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञ स्थल के देव मंच से हरिद्वार से आए टोली नायक देवता प्रसाद शर्मा ने श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन किया। उन्होंने गौ, गीता, गंगा, गुरु, गायत्री की विस्तार से चर्चा की। श्री शर्मा ने कहा कि महामानव विवेकानंद गंगा के जल को अमृत के बराबर दर्जा दिया था। आज मोक्षदायिनी गंगा उपभोक्तावादी संस्कृति के कारण दूषित हो गई है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने इसे स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है। गीता एवं गुरु को मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि ये दोनों जीवन जीने की शैली बताते हैं। परंतु, आज गीता की झूठी कसम खिलाकर अदालत में इसके महत्व को घटाया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की कार्यप्रणाली की भी जमकर आलोचना की। श्री शर्मा ने कहा कि हमें अपनी सभ्यता संस्कृति का हर स्तर पर रक्षा करनी चाहिए। गायत्री मंत्र किसी जाति या व्यक्ति की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है और इसका स्नेह स्त्री-पुरुष सभी जाति वर्ग के लिए समान रूप से बरसता है। इस अवसर पर हरिद्वार से पधारे अनुराग शुक्ला, बेगूसराय गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी, ब्रजनंदन राय, आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी राजेश, संयोजक हीरा जी, उपाध्यक्ष दीपक कुमार, अशोक जी, ज्योति जी, अनिल राय, मिलन राय आदि मौजूद थे।


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