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तुम मुझे यूं भुला न पाओगे ..

Publish Date:Thursday,Aug 02,2012 01:01:50 AM | Updated Date:Thursday,Aug 02,2012 01:04:09 AM
तुम मुझे यूं भुला न पाओगे ..

औरंगाबाद, कार्यालय संवाददाता :

प्रख्यात गायक मो. रफी की पुण्यतिथि पर दानिका सांस्कृतिक संस्थान द्वारा मंगलवार की शाम संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। उद्घाटन प्रभारी न्यायाधीश राजनारायण निगम, कुटुम्बा विधायक ललन राम, रंगकर्मी युगल किशोर प्रसाद, सीओ वीरेन्द्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संबोधित करते हुए प्रभारी न्यायाधीश ने कहा कि औरंगाबाद में संस्कृति की लौ जिंदा है। शहर में सांस्कृतिक गतिविधियां दिखाई पड़ती है। मो. रफी की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी आवाज सुरीली थी जिस कारण आज भी गायक एवं दर्शक उन्हें याद करते हैं। मो. रफी के गीत गुनगुनाते हैं। कार्यक्रम की शुरूआत वीरेन्द्र कुमार ने शिरडी वाले साई बाबा से किया। सुनील मौआर की प्रस्तुति 'तू कहीं रहे तू मेरे निगाह में है' एवं वीरेन्द्र एवं सुनीता द्वारा प्रस्तुत गीत 'तुझे जीवन की डोर से बांध लिया है' ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। राजीव कुमार ने मो. रफी साहब का गाया गीत 'दोनों ने किया था प्यार मगर' एवं मनोज ने 'मैंने पूछा चांद से कि देखा है कहीं' गीत ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। सनोज पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत गीत 'तुम मुझे यूं भुला न पाओगे' ने दर्शकों को मो. रफी साहब का याद ताजा कर दिया। नन्हीं बच्ची खुशी ने 'मेरी ढोलना, मेरे प्यार की धुन' एवं कैट्रीना ने 'मधुबन में राधिका नाचे रे' गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। प्रख्यात कलाकार आफताब राणा ने बड़ी दूर से आये हैं प्यार का तोहफा लाये हैं गीत गाकर दर्शकों को झुमाया। नन्हीं परी पलक निगम ने 'होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो' की प्रस्तुति दी। संस्था के निदेशक डा. रवीन्द्र कुमार ने 'तेरी गलियों में न रखुंगा कदम, आज के बाद' गाया। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।

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      'हम तुम्हें यूं भुला न पाएंगे'
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      मत लो तुम वृक्षों की जान, धरती होगी रेगिस्तान