जागरण संवाददाता, पटना :  राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेपाली नगर इलाके में रविवार को आवास बोर्ड की 40 एकड़ जमीन से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। पथराव में सिटी एसपी के साथ रैफ के जवान और महिला सिपाही जख्मी हो गए। जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 100 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस कार्रवाई रोकने के लिए की गई आगजनी में सात लोग झुलस गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट दागे, जिसमें दो लोग जख्मी हो गए।

रात दिन बजे से ही पहुंचने लगी थी पुलिस

पटना सदर के अंचल पदाधिकारी द्वारा बीते 20 जून को अतिक्रमण हटाने की नोटिस के आधार पर रविवार को प्रात: करीब 3.00 बजे से पुलिस राजीव नगर पहुंचने लगी। अतिक्रमण वाले इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी गई। सूर्योदय होते ही पुलिस के करीब 500 जवान 16 बुलडोजर के साथ एडीएम (विधि-व्यवस्था), सदर एसडीओ नवीन कुमार और जिला नियंत्रण कक्ष के दंडाधिकारी ने अवैध कब्जा तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय नागरिकों ने पहले एक ठेले व सिलिंडर में आग लगाकर पुलिस को रोकने की कोशिश की, जिसमें सात लोग झुलस गए। 

पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट दागे

महिलाएं और बच्चों को लोगों ने आगे कर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान सिटी एसपी अम्बरीश राहुल, रैपिड एक्शन फोर्स के जवान रियासत और महिला सिपाही प्रिया कुमारी चौधरी घायल हो गईं। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट दागे। पुलिस कार्रवाई में दो लोग जख्मी हो गए। इस दौरान जेसीबी के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस को कई बार लाठियां भांजनी पड़ी। हालांकि, लोगों के भारी विरोध देखते हुए पुलिस ने कुछ देर के लिए कार्रवाई रोक दी। 

पथराव करने वाले लिए गए हिरासत में

बाद में जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने मौके पर पहुंचकर घरों की तलाशी करवाई। इस दौरान पथराव करने वालों को हिरासत में ले लिया गया। अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिर शुरू की गई। पेलोडर जहां काम नहीं आया, वहां पोकलेन मशीन मंगाकर मकान तोड़े गए। शाम तक लगभग 30 अवैध निर्माण तोड़े जाने की सूचना है। 

डिप्‍टी सीएम से भी मिले थे प्रभाव‍ित लोग

प्रभाव‍ित लोगों ने पिछले दिनों बिहार के उप मुख्‍यमंत्री तार किशोर प्रसाद के आवास का घेराव किया था। इसके बाद डिप्‍टी सीएम ने इनके प्रत‍िनिधिमंडल से मुलाकात की थी। प्रत‍िन‍िध‍िमंडल ने दावा किया था क‍ि डिप्‍टी सीएम ने उनकी बात सुनने और बीच का रास्‍ता निकालने का आश्‍वासन दिया था। यह इलाका बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया का है। संजीव चौरसिया का दीघा के आवास बोर्ड की जमीन का मसला सुलझाना प्रमुख मुद्दा रहा है। वेे यह मसला विधानसभा में भी उठाते रहे हैं।   

चार थानों की पुलिस, करीब दो हजार फोर्स लगी

राजीव नगर और दीघा के इलाके में चप्‍पे - चप्‍पे पर करीब दो हजार पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। दीघा और राजीव नगर के अलावे आसपास के चार थानों की पुलिस भी मौजूद थी। लोगों की ओर से पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले फेंके। इस दौरान एक जवान को चोट आई। 

ये भी पढ़ें, क्‍या है पटना के राजीवनगर- दीघा की जमीन का विवाद, कौन सा आइएएस अफसर बना था वजह 

महिलाएं नकाब पहनकर विरोध में उतरीं

प्रभावित इलाके की महिलाएं नकाब बांधकर पुलिस पर पत्‍थर चलाने लगीं। इसके बाद प्रशासन की ओर से भी सख्‍ती बढ़ाई गई। बच्‍चों ने भी पत्‍थर चलाए। लोगों में प्रशासन के साथ ही स्‍थानीय जन प्रत‍िनिधियों के प्रति जोरदार गुस्‍सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जन प्रत‍िन‍िध‍ि लगातार उन्‍हें यह कहकर बरगलाते रहे कि उनकी समस्‍या का समाधान किया जाएगा।

घर खाली कर बाहर निकलते दिखे लोग

नेपालीनगर में कई परिवार प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले नजर आए, तो कुछ परिवार उदास मन से अपना घर खाली करने में जुटे रहे। गुस्‍साए लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अलावा मीडिया को भी निशाना बनाया। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इनमें मीडिया कर्मियों के वाहन भी शामिल रहे। 

ये भी पढ़ें, पटना के इस मुहल्‍ले में एक भी घर में आज नहीं जला चूल्हा, ये तस्‍वीर आपको भी सोचने पर मजबूर करेगी

डीएम ने कहा- जारी रहेगी कार्रवाई 

डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि हालात नियंत्रण में है। कुल 90 संरचना पर कार्रवाई होनी है। जमीन माफिया निर्माण समिति बनाकर बनाकर अवैध कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन 3 बार लोगों को नोटिस दे चुका है। डीएम ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी। आपको बता दें कि कार्रवाई की जद में आने वाले कुछ बने-बनाए घर हैं तो कुछ निर्माणाधीन मकान भी हैं।

Edited By: Shubh Narayan Pathak

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट