क्या टूट जाएगा ब्रिटेन? वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड ने मिलाया हाथ; EU के साथ जाने की तैयारी
ब्रिटेन की एकता खतरे में है क्योंकि वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए ...और पढ़ें

वेल्स, स्काटलैंड, उत्तरी आयरलैंड ने एकजुट होकर समझौता किया

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, लंदन। वर्ष 2020 में यूरोपीय यूनियन (ईयू) से अलग होने वाले ब्रिटेन की एकता अब खुद खतरे में पड़ गई है। वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के हाथ मिलाने से उसके टूटने का खतरा मंडराने लगा है।
वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने सोमवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे इनके ब्रिटेन से अलग होने की आशंका पैदा हो गई है।
ब्रिटेन के इन तीनों अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र के शीर्ष मंत्रियों ने प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और उनकी सरकार से कहा कि वे संवैधानिक बदलाव के लिए तैयार रहे, क्योंकि इन क्षेत्रों का भविष्य ईयू के साथ है।
मंत्रियों ने जिस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, उसमें ब्रिटिश संसद की ओर इशारा करते हुए कहा गया है, 'इन द्वीपों और दुनियाभर में इसे देख रहे लोगों के लिए इससे साफ संकेत और कोई नहीं हो सकता कि वेस्टमिंस्टर का समय अब खत्म हो रहा है।'
वेल्स, स्काटलैंड, उत्तरी आयरलैंड ने एकजुट होकर समझौता किया
यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह आयरलैंड और ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड को फिर से एकीकृत रूप से देखना पसंद करेंगे।
ट्रंप ने शनिवार को आयरलैंड की यात्रा के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि एकीकृत आयरलैंड शानदार होगा।
वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के समझौते पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बर्नहम के प्रवक्ता ने किसी भी खतरे की आशंका को खारिज किया और कहा कि प्रधानमंत्री एकजुटता में दृढ़ विश्वास करते हैं और जीवन यापन की लागत को कम करने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
प्रवक्ता टाम वेल्स ने कहा, 'ब्रिटेन तब सबसे बेहतर होता, जब लोग बंटवारे के बजाय साझा मूल्यों और समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होते।'
तब भी ब्रिटेन का हिस्सा बने हुए हैं तीनों क्षेत्र
यह पहली बार है, जब ब्रिटेन के इन तीनों अर्ध-स्वायत्त क्षेत्रों के नेताओं ने इस तरह का कदम उठाया है। 1921 में आयरलैंड को ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन उत्तरी आयरलैंड को ब्रिटेन का हिस्सा बनाए रखा गया था।
स्वतंत्रता समर्थकों और एकीकरण समर्थकों की मांग के बावजूद उत्तर आयरलैंड, वेल्स और स्काटलैंड ब्रिटेन का हिस्सा बने हुए हैं।
स्काटलैंड ने 2014 में किया था नाकाम प्रयास
स्काटलैंड ने 2014 में ब्रिटेन से अलग होने के लिए नाकाम प्रयास किया था। जनमत संग्रह में यह विचार 45 प्रतिशत मतों के मुकाबले 55 प्रतिशत से खारिज कर दिया गया था। जबकि ब्रिटेन ने ईयू से अलग होने के लिए 2016 में जनमत संग्रह कराया था और 2020 में यूरोपीय देशों के इस समूह से अलग हो गया था।
