वाशिंगटन, एएनआइ। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation, WHO) ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को जानकारी दी कि कोरोना वायरस वैरिएंट  B.1.1.7 का पहला मामला ब्रिटेन (United Kingdom) में 20 सितंबर को आया था और अब तक इस वैरिएंट का संक्रमण 86 देशों तक फैल चुका है। वैरिएंट  B.1.1.7 का संक्रमण बढ़ गया है और कुछ गवाह ऐसे भी हैं जो इस बीमारी की गंभीरता को दिखाते हैं। 7 फरवरी तक इस वैरिएंट के मामले 6 और देशों में मिले। यह जानकारी CNN ने दी। 

 UK में उदाहरण के लिए इस स्ट्रेन के लिए टेस्टिंग 63 फीसद से बढ़कर 90 फीसद हो गई। यह जानकारी  WHO ने साप्ताहिक  महामारी अपडेट में दी।  WHO दो अतिरिक्त स्ट्रेनों की मॉनिटरिंग कर रहा है जो फैल रहा है। इसमें से एक B.1.351 है जिससे संक्रमण का सबसे पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में मिला। इसके अलावा P.1 स्ट्रेन पहली बार ब्राजील में देखा गया था।   WHO ने बताया कि 7 फरवरी को B.1.351 स्ट्रेन के मामले 44 देशों में मिले जबकि P.1 स्ट्रेन 15 देशों तक फैल चुका है। CNN के अनुसार कोरोना वायरस के बदलते रूप को देख वैज्ञानिकों को हैरानी नहीं है लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि यह वैरिएंट और बदल कर गंभीर बीमारी का कारण न बन जाए। 

ब्रिटेन की उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स (Prince Charles) व उनकी पत्नी कैमिला (Camilla) ने कोविड-19 की पहली खुराक ली। यह जानकारी उनके ऑफिस क्लारेंस हाउस की ओर से बुधवार को दी गई। 94 वर्षीय मां महारानी एलिजाबेथ व उनके 99 वर्षीय पति प्रिंस फिलिप (Prince Philip) ने जनवरी में ही कोविड-19 की खुराक ली थी।

क्लेरेंस हाउस ने अपने बयान में कहा, 'प्रिंस ऑफ वेल्स (Prince of Wales) और डचेज ऑॅफ कोर्नवाल (Duchess of Cornwall) ने कोविड-19 वैक्सीन का पहल डोज लिया।' महामारी की शुरुआत के बाद ही प्रिंस संक्रमित हो गए थे। अब तक ब्रिटेन में 13 मिलियन लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। 

Edited By: Monika Minal