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ब्रिटेन में पढ़ाई का सपना हुआ मुश्किल, वीजा रिजेक्शन की बढ़ी संख्या; भारतीय छात्रों पर कितना असर?

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:58 PM (IST)

ब्रिटेन में सख्त स्टडी वीजा नियमों के कारण भारतीय सहित विदेशी छात्रों के विश्वविद्यालय प्रवेश प्रस्ताव प्रभावित हो रहे हैं।

ब्रिटेन के सख्त वीजा नियमों से विदेशी छात्र प्रभावित

ब्रिटेन के सख्त वीजा नियमों से विदेशी छात्र प्रभावित

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डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन में स्टडी वीजा नियमों में सख्ती के कारण भारतीयों समेत विदेशी छात्रों के विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रस्ताव प्रभावित हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वीजा आवेदन खारिज होने की बढ़ती दर के चलते कई विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को दिए गए प्रवेश प्रस्ताव वापस ले रहे हैं।

‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बताया कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के नियमों के तहत, जिन संस्थानों के पांच प्रतिशत से अधिक संभावित विदेशी छात्रों के वीजा आवेदन खारिज होते हैं, उन पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भर्ती करने पर प्रतिबंध लग सकता है। पहले यह सीमा 10 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में ब्रिटेन के कुल स्टडी वीजा आवेदनों में से 10.5 प्रतिशत वापस लिए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 2.3 प्रतिशत था। भारत के मामले में आवेदन वापस लेने की दर 1.2 प्रतिशत से बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई।

पाकिस्तान के लिए यह दर 40.9 प्रतिशत और बांग्लादेश के लिए 23.5 प्रतिशत दर्ज की गई। ‘यूनिवर्सिटीज यूके इंटरनेशनल’ के निदेशक जेमी एरोस्मिथ ने कहा कि कई वीजा अस्वीकृतियों के पीछे असंगत कारण नजर आते हैं, जिससे विश्वविद्यालयों को प्रवेश प्रस्ताव वापस लेने पड़ रहे हैं।

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि विदेशी छात्र देश में सकारात्मक योगदान देते हैं, लेकिन संस्थानों को जिम्मेदारी से भर्ती करनी होगी ताकि आव्रजन व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)