'ब्रेग्जिट जनमत में रूस ने दिया था दखल', ब्रिटेन के पीएम एंडी बर्नहैम का सनसनीखेज दावा
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने दावा किया है कि 2016 के ब्रेग्जिट जनमत संग्रह में रूस ने दखल दिया था, हालांकि उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया।

ब्रेग्जिट जनमत में रूस ने दिया था दखल। (रॉयटर्स)
HighLights
ब्रिटिश पीएम बर्नहैम ने रूस पर ब्रेग्जिट में दखल का आरोप लगाया।
रूस ने आरोप खारिज किए, ब्रिटेन को हिस्टीरिया से ग्रस्त बताया।
ब्रिटिश सरकार: रूस ब्रेग्जिट जनमत को प्रभावित करने में विफल रहा।
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) एक सनसनीखेज दावा किया है कि साल 2026 में यूरोपीय यूनियम से अलग होने के ऐतिहासिक ब्रेग्जिट जनमत संग्रह में रूस में दखल दिया था।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह दखल कैसे हुआ, न ही उन्होंने अपने दावे का कोई सबूत ही दिया। उन्होंने जर्मनी और फ्रांस के मतदाताओं को भी रूस से आगाह किया है।
आपको बता दें कि रूस पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के आरोप लग चुके हैं। वहीं लंदन स्थित रूसी दूतावास ने बर्नहैम के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
रूस ने ब्रिटेन के आरोपों को किया खारिज
रूसी दूतावास ने कहा कि ब्रिटेन रूस विरोधी हिस्टीरिया से ग्रस्त है और अपनी आंतरिक राजनातिक नाकामियों का दोष दूसरों पर मढ़ रहा है। वहीं ब्रिटिश सरकार के ऑफिस और विदेश राज्य मंत्री स्टीफन डौटी ने मामले को संभालने की कोशिश की।
उन्होंने साफ किया कि रूस की कोशिशों को बावजूद वह जनमत संग्रह के नतीजों को प्रभावित करने में नाकाम रहा और ब्रेग्जिट का जनादेश पूरी तरह से वैध है।
क्या है पूरा मामला?
साल 2016 में ब्रिटेन के 52 प्रतिशत लोगों ने यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में वोट दिया था। इसे ही ब्रेग्जिट जनमत कहा गया था। पूर्व प्रधानंमत्री बोरिस जॉनसन 2020 में ही कह चुके हैं कि रूसी दखल के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
वहीं 2020 में आई एक ब्रिटिश इंटेलिजेंस रिपोर्ट में भी पाया गया था कि सरकार यह साबित करने में विफल रही कि रूस ने ब्रेग्जिट को प्रभावित किया या नहीं। हालांकि, रिपोर्ट में 2024 के स्कॉटिश स्वतंत्रता जनमत संग्रह में रूसी हस्तक्षेप के संकेत मिलने की बात कही गई थी।
