लंदन, पीटीआइ। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी पर 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की मार पड़ी है। ब्रिटेन की एक अदालत ने अंबानी को आदेश दिया है कि वे चीन के तीन बैंकों को कर्ज करार के तहत 21 दिनों के भीतर करीब 71.7 करोड़ डॉलर (75 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर 5,300 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान करें। लंदन में इंग्लैंड एंड वेल्स की उच्च अदालत की वाणिज्य इकाई ने अपने फैसले में कहा कि लोन पर अंबानी ने निजी गारंटी दी थी, जिस वजह से इस भुगतान के लिए वे बाध्य हैं। हालांकि रिलायंस ग्रुप ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इंडस्टि्रयल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना की मुंबई शाखा, चाइना डेवलपमेंट बैंक तथा एक्जिम बैंक ऑफ चाइना यह मामला ब्रिटेन की उच्च अदालत में ले गए थे। इंडस्टि्रयल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना के नेतृत्व में तीनों बैंकों का कहना था कि उन्होंने वर्ष 2012 में अंबानी को एक कर्ज चुकाने के लिए उनकी व्यक्तिगत गारंटी पर करीब 92.5 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था। हालांकि अंबानी इस मामले में व्यक्तिगत गारंटी से इन्कार करते रहे हैं।

अदालत के आदेश के मुताबिक अंबानी को जो रकम चुकानी है, उसमें कर्ज करार के 54.98 करोड़ डॉलर, 22 मई तक बकाया ब्याज मद के 5.19 करोड़ डॉलर तथा डिफॉल्ट ब्याज के 11.51 करोड़ डॉलर शामिल हैं। हालांकि अदालत ने यह भी कहा है कि अंबानी पर अंतिम बकाया इस बात पर निर्भर करेगा कि आरकॉम की दिवालिया प्रक्रिया का क्या अंजाम होता है। इसका मतलब यह है कि इन बैंकों के पास भविष्य में इस रकम की मात्रा में संशोधन का विकल्प खुला है। गौरतलब है कि रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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