लंदन, रायटर। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की संभावनाओं पर उसी तरह का विश्वास व्यक्त किया है, जैसा उनका महामारी से पूर्व था। एक सर्वे में इन बिजनेस लीडर्स ने उम्मीद जताई है कि वे आने वाले वर्षों में विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिग्रहण का रास्ता अपनाएंगे।

ग्लोबल इकोनामी पर 60 फीसद कंपनियों के प्रमुखों का भरोसा कायम

कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की अनिश्चितता के बीच 60 फीसद कारपोरेट लीडर ने अगले तीन वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर विश्वास जताया है। यह आंकड़ा अकाउंटेंसी फर्म केपीएमजी द्वारा इसी वर्ष की शुरुआत में किए गए सर्वे के मुकाबले 42 फीसद अधिक है।

महामारी की अनिश्चितता के बीच सीईओ वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के प्रति आश्वस्त

10 में से नौ सीईओ ने अगले तीन वर्षों में अधिग्रहण की इच्छा जताई है। केपीएमजी के ग्लोबल चेयरमैन और चीफ एक्जीक्यूटिव बिल थामस ने कहा, 'महामारी को लेकर जारी अनिश्चितता के बावजूद सीईओ वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के प्रति आश्वस्त हैं।'

महामारी: साइबर क्राइम, जलवायु परिवर्तन, सप्लाई चेन आर्थिक वृद्धि की राह में सबसे बड़ा खतरा

इन बड़े अधिकारियों ने साइबर क्राइम, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चेन की समस्याओं को वृद्धि की राह में सबसे बड़ा खतरा बताया है। आधे से अधिक ने कहा कि महामारी के चलते उनकी सप्लाई चेन में दिक्कतें आई थीं।

80 फीसद सीईओ ने कहा- वैश्विक न्यूनतम कर प्रणाली से हो सकते हैं लक्ष्य प्रभावित

लगभग 80 फीसद सीईओ ने कहा कि प्रस्तावित वैश्विक न्यूनतम कर प्रणाली के चलते उनके लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। अगस्त, 2020 में दो-तिहाई सीईओ ने महामारी के चलते अपने आफिस स्पेस में कटौती की बात कही थी, लेकिन ताजा सर्वे में यह संख्या घटकर केवल 21 फीसद रह गई।

केपीएमजी के सर्वे में 1325 कंपनियों के सीईओ शामिल थे, सर्वे 29 जून से छह अगस्त के बीच का है

केपीएमजी ने अपने सर्वे में 1325 ऐसी कंपनियों के सीईओ को शामिल किया था, जिनका वार्षिक राजस्व 50 करोड़ डालर से अधिक था। आस्ट्रेलिया, जापान, चीन, जर्मनी, अमेरिका, भारत, ब्रिटेन, कनाड़ा, फ्रांस में यह सर्वे 29 जून से छह अगस्त के बीच किया गया था।

Edited By: Bhupendra Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट