लंदन [प्रेट्र]। वैज्ञानिकों ने बालों का रंग तय करने वाले 124 जीन की पहचान की है। इस अहम खोज से मनुष्य की त्वचा के रंग के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक कारणों का पता लगाया जा सकता है। साथ ही, इन जीन के अध्ययन से कई तरह के कैंसर (स्किन, प्रोस्टेट और ओवरी) को भी समझने में मदद मिल सकती है।

ब्रिटेन स्थित किंग्स कॉलेज लंदन और नीदरलैंड्स स्थित एरैसमस मैक यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के वैज्ञानिकों की इस खोज का इस्तेमाल फोरेंसिक विज्ञान में भी किया जाएगा।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अब घटनास्थल से इकट्ठा किए गए डीएनए नमूने से अपराधी के बालों के रंग का अनुमान लगाना आसान हो जाएगा।

इससे पहले किए गए शोधों से यह स्पष्ट हो गया था कि बालों के रंग में विविधता के लिए वंशानुगत कारण जिम्मेदार हैं। लेकिन, अब तक इनसे जुड़े कुछ ही जीन की पहचान हो पाई थी।

नए जींस का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने तीन लाख यूरोपीय व्यक्तियों के डीएनए डाटा का अध्ययन किया। जीन संबंधी जानकारी और बालों के रंग के तुलनात्मक अध्ययन में 124 जीन की पहचान हुई। इनमें 100 जीन बिलकुल नए थे।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज जीव विज्ञान और चिकित्सा से जुड़े कई क्षेत्रों के लिए फायदेमंद होगी। इससे त्वचा के कैंसर समेत अन्य कई कैंसरों का उपचार खोजने में भी मदद मिलेगी।  

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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