ब्रिटेन में सौर तूफान के बाद रंग-बिरंगी 'नॉर्दर्न लाइट्स' से जगमगाया आसमान, देखें अनोखी तस्वीरें
ब्रिटेन में शुक्रवार और शनिवार को सौर तूफान के कारण नॉर्दर्न लाइट्स का दुर्लभ नजारा देखा गया, जो आमतौर पर उत्तरी ध्रुव के पास ही दिखाई देता है।

ब्रिटेन में सौर तूफान के बाद रंग-बिरंगी 'नॉर्दर्न लाइट्स' से जगमगाया आसमान(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, लंदन। शुक्रवार और शनिवार की शाम ब्रिटेन के कई हिस्सों में आसमान बेहद खूबसूरत और अनोखे रंगों से जगमगा उठा। इस प्राकृतिक और विहंगम दृश्य को ऑरोरा बोरेलिस या नॉर्दर्न लाइट्स के नाम से जाना जाता है। सूर्य में अचानक बढ़ी तेज हलचल के कारण यह नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए।
आमतौर पर यह चमकीली रोशनी केवल उत्तरी ध्रुव, आर्कटिक सर्कल और उत्तरी स्कॉटलैंड के करीबी इलाकों में ही दिखाई देती है। हालांकि, इस बार सौर तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर वेल्स के साथ-साथ ब्रिटेन के सुदूर दक्षिणी हिस्सों तक पहुंच गया। शनिवार रात डेवॉन, हैंपशायर और केंट जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में भी लोगों ने इसे साफ देखा।
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क्यों और कैसे बनती है आसमान में यह रोशनी?
नॉर्दर्न लाइट्स का निर्माण सूर्य की सतह पर होने वाले विशाल विस्फोटों से होता है, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में कोरोनल मास इजेक्शन कहा जाता है। पिछले हफ्ते के अंत में सूर्य से चार्ज्ड पार्टिकल्स की एक शक्तिशाली धारा पृथ्वी की दिशा में निकली।
जब ये कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की गिरफ्त में आकर हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो वे ऑक्सीजन और नाइट्रोजन गैसों से टकराते हैं। इस टक्कर के परिणामस्वरूप आकाश में हरे, लाल और बैंगनी रंग की अद्भुत रोशनी तैरने लगती है।

इस बार इतना दुर्लभ दृश्य क्यों बना?
किसी इलाके में ऑरोरा दिखाई देने की संभावना उसकी ताकत यानी तीव्रता पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जब इसकी तीव्रता 200 नैनोटेस्ला (nT) तक होती है, तो यह केवल उत्तरी ब्रिटेन तक सीमित रहता है।
शनिवार शाम यह तीव्रता बढ़कर 600 नैनोटेस्ला तक पहुंच गई, जिसके चलते यह दुर्लभ नजारा पूरे ब्रिटेन और उसके दक्षिणी हिस्सों में भी नजर आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य अपने 11 साल के प्राकृतिक चक्र के चरम पर है, जिस कारण इस वर्ष ऑरोरा दिखने की ऐसी घटनाएं बहुत ज्यादा हो रही हैं।

ब्रिटेन के मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि यदि आसमान साफ रहा, तो मंगलवार तक स्कॉटलैंड और उससे जुड़े समान जियोमैग्नेटिक लैटीट्यूड वाले क्षेत्रों में यह नजारा फिर से देखा जा सकता है। जिन लोगों से यह मौका छूट गया है, उनके पास इसे दोबारा निहारने का अवसर बना हुआ है।

क्या है देखने का सही तरीका?
इस खगोलीय नजारे को बेहतर तरीके से देखने के लिए शहरों की चकाचौंध और स्ट्रीट लाइट्स से दूर किसी अंधेरी जगह पर जाकर उत्तर दिशा की ओर देखना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि इसे केवल खुली आंखों से देखने के बजाय मोबाइल फोन के कैमरे से देखें।
रात के कम प्रकाश में मानव आंख की कोशिकाएं यानी रॉड सेल्स रंगों को ठीक से पहचान नहीं पाती हैं और हमें दृश्य काफी हद तक ब्लैक एंड व्हाइट दिखता है, जबकि कैमरों में ऐसी कोई रुकावट नहीं होती और वे इसके वास्तविक रंगों को पूरी स्पष्टता से कैद कर लेते हैं।
