ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा नया कोविड स्ट्रेन XFG, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या; क्या है लक्षण?
ब्रिटेन में कोविड-19 का नया 'XFG' वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, जिससे अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की ...और पढ़ें
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ब्रिटेन में कोविड का नया XFG स्ट्रेन (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
ब्रिटेन में XFG वेरिएंट से अस्पताल में भर्ती 48% बढ़े
लंदन और 85+ आयु वर्ग में सबसे तेज उछाल देखा गया
XFG ओमिक्रॉन के दो सब-वेरिएंट्स का संयोजन है
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन में कोविड-19 के नए 'XFG' वेरिएंट, जिसे 'अमेरिकी कोविड' स्ट्रेन भी कहा जा रहा है, तेजी से फैल रहा है। इसके चलते अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने की संख्या में 48% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड पॉजिटिविटी दर 5.9% से बढ़कर 7% हो गई है, जिसमें सबसे तेज उछाल लंदन और 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों में देखा जा रहा है।
इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रति 100,000 लोगों पर साप्ताहिक अस्पताल में भर्ती होने की दर भी 0.81 से बढ़कर 1.20 हो गई है, यह लगभग 48% की वृद्धि के बराबर है।
ओमिक्रॉन रीकंपोजिट वेरिएंट
जांच में सामने आ रहे आधे से अधिक मामले इसी ओमिक्रॉन रीकंपोजिट वेरिएंट के हैं। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समग्र संक्रमण स्तर अब भी नियंत्रण में है और स्थिति फिलहाल पैनिक की नहीं है, क्योंकि समग्र संक्रमण स्तर कम बना हुआ है और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि XFG अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। फिर भी पात्र समूहों को शरदकालीन बूस्टर डोज लेने की सलाह दी गई है।
यूकेएचएसए के सलाहकार महामारी विज्ञानी एलेक्स एलन के अनुसार, हाल ही में कोविड-19 की गतिविधियों में कुछ वृद्धि देखी गई है, लेकिन ब्रिटेन में मामले अभी भी कम स्तर पर हैं। यूकेएचएसए ब्रिटेन और विदेशों में कोविड-19 के विभिन्न रूपों से संबंधित सभी आंकड़ों की निगरानी कर रहा है।
लंदन में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। संक्रमणों की वास्तविक संख्या रिपोर्ट की गई संख्या से अधिक हो सकती है, क्योंकि महामारी के वर्षों की तुलना में अब बहुत कम लोग कोविड-19 की जांच करा रहे हैं।
XFG वेरिएंट क्या है?
XFG एक रीकंपोजिट (पुनर्योजी) SARS-CoV-2 वेरिएंट है, जो ओमिक्रॉन के दो सब-वेरिएंट्स- LF.7 और LP.8.1.2 के संयोजन से बना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 27 जनवरी 2025 को इसका पहला मामला दर्ज किया था और जून 2025 में इसे 'निगरानी वाले वेरिएंट' की श्रेणी में रखा।
वर्तमान में यह वेरिएंट दुनिया के कई देशों में फैल चुका है और इस पर डब्ल्यूएचओ द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, इसके लक्षण कोविड-19 के अन्य हालिया स्ट्रेन जैसे ही सामान्य हैं, जिनमें मुख्य रूप से गले में खराश, खांसी, थकान और बुखार शामिल हैं।
