नई दिल्‍ली, जागरण स्‍पेशल। ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में सत्‍ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी ने स्‍पष्‍ट बहुमत हासिल कर लिया है। 650 सीटों वाली संसद में पार्टी ने स्‍पष्‍ट बहुमत के लिए जरूरी 326 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस चुनाव में विपक्षी दल लेबर पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव में लेबर पार्टी ने अपनी पारंपरिक सीटें भी हार गई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उन्हें अब एक नया जनादेश मिला है जिससे वो ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने वाली ब्रेग्ज़िट डील को लागू करवा सकेंगे और ब्रिटेन को एकजुट कर सकेंगे। ब्रिटेन में यह आम चुनाव प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्‍व में लड़ा गया। आखिर कौन है प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। क्‍या है इनका व्‍यक्तित्‍व। भारत के प्रति क्‍या है इनका दृष्टिकोण। अपने लव अफेयर के कारण वह क्‍यों रहे सुर्खियों में।

बोरिस जॉनसन का भारत के साथ निजी रिश्‍ते

जॉनसन का भारत के साथ गहरा लगाव है। भारत के साथ न केवल राजनीतिक संबंध हैं, बल्कि उनके निजी रिश्‍ते भी हैं। उनकी तलाकशुदा पत्‍नी मरीना व्‍हीलर क्‍यूसी का भारत से वास्‍ता रहा है। मरीना की मां भारतीय मूल की हैं। उनका नाम दीप व्‍हीलर है। उनके दूसरे पति चार्ल्स व्‍हीलर थे। वह एक पत्रकार थे। जॉनसन और मरीना 25 वर्षों तक एक साथ रहे। इस दौरान वह कई बार भारत आए। अपनी भारत यात्रा के दौरान वह दिल्‍ली व मुंबई में रुका करते थे। लेकिन इसके बाद मरीना से उनका तलाक हो गया।  

अपने लव अफेयर के को लेकर सुर्खियों में रहे

वर्ष 2004 में जॉनसन अपने प्रेम प्रसंगों को लेकर सुर्खियों में रहे। इसका असर उनके सियासी जीवन पर भी पड़ा। बात इतनी बढ़ गई कि इसके चलते उन्‍हें कंजर्वेटिव पार्टी से निकाल दिया गया। जॉनसन दो बार लंदन के मेयर रह चुके हैं। वर्ष 2008 में वह पहली बार लंदन के मेयर बने थे। उनका मेयर का कार्यकाल आज भी याद किया जाता है। मेयर बनते ही उन्‍होंने लंदन में सार्वजनिक वाहनों में शराब ले जाने पर रोक लगा दी थी। उनके इस कदम पर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं आई थी। इसके अलावा साइकिल चलाने के वह बेहद शौकीन हैं। यही वजह है जब वह मेयर बने तो साइकिल किराए पर देने की स्‍कीम लॉन्‍च किया। उनकी यह योजना बेहद मशहूर हुई। उन साइकिलों को बोलचाल की भाषा में बाइक्‍स कहा जाने लगा।

अपने मजाकिया शैली के लिए जाने जाते है जॉनसन

बा‍ेरिस जॉनसन अपने मजाकिया शैली के जाने जाते हैं। अपने भाषणों के दौरान भी वह मजाकिया मूड में रहते हैं। उनके भाषण बोरिंग नहीं होते। यही कारण है उनको सुनने के लिए भारी भीड़ जुटती है। ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से अलग होने वाले कैंपेन का प्रतिनिधित्‍व किया। उन्‍हें दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर झुकाव के लिए जाना जाता है। 2004 में उन्‍हें एक पत्रिका में अपने लेख के लिए लिवरपूल के लोगों से माफी मांगनी पड़ी थी। इस लेख में इराक में बंधक बनाए गए ब्रिटिश नागरिक केन बिगले की हत्या पर लिवरपूल के लोगों की प्रतिक्रिया की उन्होंने कड़ी आलोचना की थी। 

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Posted By: Ramesh Mishra

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