लंदन, आइएएनएस।  मंकीपाक्स का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इजरायल तथा आस्ट्रिया में भी मंकीपाक्स (Monkeypox) के मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अब तक 15 देशों में यह बीमारी फैल चुकी है। इससे पहले शनिवार को स्विट्जरलैंड में मंकीपाक्स के पहले मामले की पुष्टि हुई थी। नीदरलैंड के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी शनिवार को मंकीपाक्स के कई मामले मिलने की पुष्टि की थी। यहां शुक्रवार को पहला मामला मिला था।

बीबीसी (BBC) ने बताया कि इजरायल अन्य संदिग्ध मामलों की जांच कर रहा है। यूरोप, अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया में हाल के प्रकोप में 80 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के अनुसार अधिकांश संक्रमित लोग कुछ हफ्तों के भीतर ठीक हो जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कई अन्य संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है।

चार सप्ताह तक फैल सकता है संक्रमण

बता दें कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मंकी पाक्स के रोगी चार सप्ताह तक संक्रमण फैला सकते हैं। डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जान हापकिंस यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ अमेश अदल्जा ने एक साक्षात्कार में इस मामले में सचेत करते हुए यह जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि जो लोग इस वायरस की चपेट में आते हैं, उन्हें पहले बुखार आता है और फिर चेहरे और शरीर पर चकत्ते और त्वचा पर घाव होते हैं। इसके बाद यह प्रभावित अंग को छूने और कफ तथा छींक के जरिये फैलता है। त्वचा पर घाव खत्म होने में कुछ सप्ताह का समय लगता है। इससे पीडि़त लोग तब तक संक्रामक होते हैं, जब तक कि उनके त्वचा के घाव सूखते नहीं हैं।

घाव रहने तक संक्रमण का खतरा है

ब्रिटेन में साउथम्पटन यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य विशेषज्ञ माइकल हेड भी अदल्जा की बातों से सहमत हैं। हेड का कहना है कि पूर्व में फैले मंकी पाक्स के बारे में यूके हेल्थ अथारिटीज तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कह चुका है कि एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण का खतरा तब तक बना रहता है, जब तक पीडि़त व्यक्तियों को चकत्ते तथा घाव रहते हैं। यह एक महीने तक का समय हो सकता है।

Edited By: Piyush Kumar