ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर ईरान की नजर, रूस का हाइब्रिड अभियान तेज
MI5 प्रमुख केन मैक्कलम ने कहा कि ईरान ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि रूस यूक्रेन समर्थकों के खिलाफ हाइब्रिड अभियान तेज कर रहा है।

ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर ईरान की नजर।
HighLights
ईरान ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर रहा।
रूस यूक्रेन समर्थकों के खिलाफ हाइब्रिड अभियान बढ़ा रहा है।
MI5 प्रमुख ने AI के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई।
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन की घरेलू खुफिया एजेंसी MI5 के प्रमुख केन मैक्कलम ने मंगलवार को कहा कि ईरान ब्रिटेन में सैन्य ठिकानों जैसे कठिन लक्ष्यों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर रहा है। वहीं, रूस यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ हाइब्रिड अभियान बढ़ा रहा है। इसमें साइबर हमले, तोड़फोड़ और अन्य गुप्त गतिविधियां शामिल हैं।
खुफिया खतरों पर अपने सालाना भाषण में मैक्कलम ने कहा कि पिछले एक दशक में राष्ट्र-प्रायोजित खतरों की संख्या चार गुना हो गई है। इनसे निपटने के लिए MI5 अब शीत युद्ध के दौर की तुलना में अधिक संसाधन लगा रही है।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दुरुपयोग को लेकर भी आगाह किया। उनके मुताबिक, आतंकवादी एआई की मदद से जैव हथियार विकसित करने या नए रोगजनक तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं।
सैन्य ठिकानों पर बढ़ा खतरा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सोमवार को कहा था कि आरएएफ फेयरफोर्ड हवाई अड्डे के खिलाफ कथित साजिश के पीछे ईरान का हाथ होने की बहुत अधिक संभावना है। इस ठिकाने का इस्तेमाल अमेरिकी बम वर्षक विमानों ने ईरान पर हमलों के लिए किया था। घटना के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वहां से विमान वापस बुला लिए।
मैक्कलम ने जारी जांच का हवाला देते हुए इस मामले पर सीधे टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस साल सैन्य ठिकानों जैसे कठिन लक्ष्यों को निशाना बनाने की ईरान की महत्वाकांक्षा में बड़ा बदलाव दिखा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में ईरान से जुड़ी गतिविधियों के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उनके अनुसार, ब्रिटेन में अभियानों के लिए ईरान जिन अपराधियों और सहयोगियों का सहारा लेता है, उनकी क्षमता हमलों की जटिलता को सीमित करती है। हालांकि, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को आसपास के देशों में पारंपरिक और हाइब्रिड तरीकों से आक्रामक गतिविधियां चलाने का अनुभव है। ईरान ने ब्रिटेन में दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों को खारिज किया है।
रूस पर अस्थिरता फैलाने का आरोप
मैक्कलम ने रूस को ब्रिटेन के सामने मौजूद सबसे बड़ा आक्रामक खतरा बताया। उन्होंने जर्मनी के लाइपजिग/हाले हवाई अड्डे पर मालवाहक विमान के खिलाफ ड्रोन हमले की कोशिश और पोलैंड के ऊर्जा ढांचे पर साइबर हमले का जिक्र किया।
उनके मुताबिक, यूक्रेन में रूस की सीमित सैन्य बढ़त के बीच यूरोप को अस्थिर करने की कोशिशें महज संयोग नहीं हैं। रूस ने जर्मनी के हवाई अड्डे से जुड़ी घटना में अपनी भूमिका के आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है।
मैक्कलम ने कहा कि एआई साइबर हमलों की होड़ को तेज कर रही है। आतंकवादी इसका इस्तेमाल निगरानी और हमलों की रणनीति बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जैव हथियारों के विकास में एआई का संभावित इस्तेमाल भी गंभीर चिंता का विषय है।
(समाचार एजेंसी रायटर्स के इनपुट के साथ)
