लंदन, प्रेट्र। भारतीय मूल के ब्रिटिश मतदाता कंजरवेटिव पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन को लगभग समान रूप से ही नापसंद करते हैं। पूर्व के अनुभवों के आधार पर यदि उन्हें जॉनसन नापसंद हैं तो हाल के जेरेमी के भारत विरोधी रुख के चलते वह भारतीय मूल के लोगों के निशाने पर आ गए हैं। यह बात 12 दिसंबर के चुनाव से पहले हुए सर्वे में सामने आई है।

यूगव नाम के मीडिया हाउस ने करवाया सर्वे

चुनाव से पूर्व टेलीविजन पर हुई पहली बहस में दोनों नेता करीब बराबर पर नजर आए। लेकिन बहस के आखिर में जॉनसन मामूली बढ़त लेकर आगे रहे। इसके बाद भारतीय मूल के मतदाताओं के बीच हुए सर्वे में 53 प्रतिशत ने कॉर्बिन को लेकर अपनी नापसंदगी जाहिर की। जबकि इससे 61 भारतीय जॉनसन को नहीं चाहते। जबकि कॉर्बिन को चाहने वाले 28 प्रतिशत भारतीय हैं, जबकि जॉनसन के पक्ष में 23 प्रतिशत। यह सर्वे यूगव नाम के मीडिया हाउस ने करवाया है। विश्लेषकों के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद जेरेमी कॉर्बिन का भारत विरोधी रुख उनके खिलाफ जा रहा है।

ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 15 लाख

उन्होंने संसद में प्रस्ताव पारित करवाकर भारत के कदम को निंदा की थी। इसी के बाद भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों के बीच उनकी छवि बिगड़ गई। कॉर्बिन ने उसकी भरपाई की कोशिश भी की लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। ज्यादातर भारतीय मानते हैं कि अगर कॉर्बिन की सरकार बनी तो ब्रिटेन के भारत के साथ संबंध खराब होंगे जबकि जॉनसन की सरकार में संबंधों की बेहतरी बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 15 लाख है और ये पढ़े-लिखे और संपन्न वर्ग में शामिल हैं।

 

Posted By: Dhyanendra Singh

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