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लंदन/नई दिल्ली/एएनआइ/। भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल ने दावा किया है कि भारत से अलग एक देश की मांग करने वाले खालिस्तानी आंदोलकारियों को पाकिस्तानी आइएसआइ का समर्थन मिल रहा है। सेना के पूर्व अधिकारी ने कहा है कि खालिस्तानी आंदोलन को ब्रिटेन और कनाडा में आइएसआइ समर्थित मुसलमानों का समर्थन प्राप्त है और वह इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उनका यह भी मत है कि इन देशों में कुछ गुरुद्वारे खालिस्तान आंदोलन के सूत्रधार हैं और वह इसे जीवित रखने के लिए भारी धन का इस्तेमाल कर रहे हैं। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) ध्रुव सी कटोच ने कहा, 'इस आंदोलन के लिए पैसा कनाडा और यूनाइटेड किंगडम से आ रहा है। हालांकि, उन संबंधित देशों की सरकारें समर्थन नहीं दे रही हैं। यूनाइटेड किंगडम में, पाकिस्तान का एक बड़ा मुस्लिम समुदाय रहता है और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण समुदाय है।' 

'ये लोग पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के संपर्क में भी हैं। वे यूनाइटेड किंगडम के भीतर एक तरह का आंदोलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए मूल रूप से विदेशी फंडिंग या विदेशी समर्थन दोनों देशों से आता है।'

पाकिस्तान सालों से भारत में शांति और सद्भाव को तोड़ने के अपने एजेंडे पर काम कर रहा है और वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को अपने हाथ रखने पड़ते हैं, जहां उसे नहीं जाना चाहिए।वे बहुत गंदा खेल खेल रहे हैं और यह अस्थिर करने वाला प्रयास है और मुझे लगता है कि पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बताने की आवश्यकता है कि उन्हें याद रखना चाहिए कि जब महाराजा रणजीत सिंह का सिख राज्य था, राजधानी लाहौर में थी और जब वे खालिस्तान नामक एक राक्षस बनाने की कोशिश करते थे , मुझे लगता है कि यह पाकिस्तान के टूटने की ओर ले जाएगा, जिस तरह से यह वर्तमान में स्थित है।'

Posted By: Shashank Pandey

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