लंदन, आइएएनएस। ब्रिटेन की अदालत ने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रद करने से इन्कार कर दिया है। इस फैसले से ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे (46) की आजादी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

उल्लेखनीय है कि विकिलीक्स के माध्यम से असांजे ने अमेरिका से संबंधित कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। इसके बाद अमेरिका ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। वहीं स्वीडन में यौन उत्पीड़न मामले में असांजे के खिलाफ वारंट जारी था। दोनों मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए असांजे लंदन आ गए। यहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 10 दिनों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत दे दी गई।

जमानत के बाद 2012 से ही असांजे लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में रह रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह कोर्ट की कार्यवाही में भी हाजिर नहीं हुए। तब लंदन पुलिस ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया। पिछले साल स्वीडन के अधिकारियों ने असांजे के खिलाफ चल रहे मामले को बंद कर दिया था।

इसी का हवाला देते हुए असांजे के अधिवक्ता ने लंदन में उनके खिलाफ जारी वारंट को रद करने की अपील की थी। उनके वकील का कहना था, 'असांजे ने पांच से अधिक साल दूतावास में बिताए हैं जो एक तरह का कैद ही था। इसलिए वारंट रद कर दिया जाना चाहिए।'

वहीं जज एमा अर्बुथनॉट ने अपील खारिज करते हुए कहा, 'असांजे अपनी सहूलियत के हिसाब से कानून का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। असांजे ऐसा न्याय चाहते हैं जो उनके पक्ष में जाए। उनमें अदालत में मौजूद रहने का साहस होना चाहिए था।'

By Pratibha Kumari