लंदन (प्रेट्र)। : इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी व भेदभावपूर्ण व्यवहार के आरोप में स्काटलैंड यार्ड के एक भारतवंशी समेत दो अधिकारियों को बिना नोटिस बर्खास्त कर दिया गया। उन पर डचेस आफ ससेक्स मेगन मार्केल का नस्ली उपहास उड़ाने का भी आरोप है। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई एक साल तक चली पेशेवर मानक जांच के बाद की गई। पुलिस कांस्टेबल (पीसी) सुखदेव जीर व पीसी पाल हेफोर्ड मेट्रोपोलिटन पुलिस की फोरेंसिक सेवा से संबद्ध थे।

आपत्तिजनक संदेशों के आदान-प्रदान संबंधी आरोपों के प्रमाणित होने के बाद उनके खिलाफ कदाचार की सुनवाई इसी हफ्ते समाप्त हुई। ट्रिब्यूनल ने कई नस्ली पोस्ट को विस्तारपूर्वक सुना। इनमें एक पोस्ट मार्केल से जुड़ी थी, जो वर्ष 2018 में प्रिंस हैरी के साथ उनकी शादी से थोड़े समय पहले ही की गई थी। प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के कमांडर जान सावेल ने कहा, 'ये आपत्तिजनक संदेश अधिकारियों के एक छोटे से वाट्सएप ग्रुप में वर्ष 2018 में साझा किए गए थे। मुझे कहने की जरूरत नहीं कि यह किसी के लिए अस्वीकार्य है। पुलिस अधिकारी के लिए तो इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है। ऐसी हरकत अक्षम्य है।

'पुलिस अधिकारियों के कदाचार का यह मामला दिसंबर 2017 से दिसंबर 2018 के बीच का है। तब वे मध्य पूर्व कमान इकाई में तैनात थे। उन्होंने निजी मोबाइल फोन में वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। इसके जरिये वे संदेश, मीम्स व अन्य सामग्री का आदान-प्रदान करते थे। इनमें कई सामग्री अनुचित, बेहद आपत्तिजनक व मानहानिकारक थीं।

मेट्रोपोलिटन पुलिस की मध्य पूर्व कमान इकाई का नेतृत्व करने वाले चीफ सुप्रिंटेंडेंट मार्कस बारनेट ने कहा, 'इस अप्रिय व्यवहार ने विश्वास को नुकसान पहुंचाया है। मैं क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों से माफी चाहता हूं।' गौरतलब है कि इन दोनों के इस कृत्‍य की जांच करीब एक वर्ष तक चली थी। इसके बाद दोषी पाए जाने के बाद ही इनको बर्खास्‍त किया गया है। 

Edited By: Kamal Verma