लंदन, प्रेट्र। भारत और ब्रिटेन संयुक्त रूप से राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम स्थापित करेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के युवाओं और महत्वाकांक्षी राजनयिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पिछले सप्ताह रवांडा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी ब्रिटिश समकक्ष लिज ट्रस से मुलाकात की थी और संयुक्त रूप से राष्ट्रमंडल मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए नई अकादमी स्थापित करने की घोषणा की थी। ट्रस ने कहा, 'कार्यक्रम से ग्रेजुएट होने वाले लोग राष्ट्रमंडल को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ब्रिटेन और भारत 21वीं सदी के लिए एक आधुनिक राष्ट्रमंडल के निर्माण में जुटे हैं और अपने सदस्यों को वास्तविक लाभ प्रदान कर रहे हैं। इसलिए हम एक नए राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम पर एक साथ काम कर रहे हैं।' रवांडा की राजधानी किगाली में राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक में जयशंकर और ट्रस ने मुलाकात की और संयुक्त बयान जारी किया था। संयुक्त बयान के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम की मेजबानी नई दिल्ली करेगी।

संयुक्त बयान में कहा गया, “उन्होंने राष्ट्रमंडल परिवार के लिए वास्तव में जुड़ा, अभिनव और परिवर्तनकारी भविष्य देने के लिए यूके और भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जो सभी सदस्य देशों की जरूरतों और अपेक्षाओं का समर्थन करता है।” जयशंकर और ट्रस ने किगाली, रवांडा में एक बैठक की, जहां राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों ने इस सप्ताह मानवाधिकारों, यूक्रेन संकट और महामारी के बाद की वसूली पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की।

बता दें इस से पहले राष्ट्रमंडल दिवस 2022, 14 मार्च को पूरे विश्व भर में मनाया गया था। जिसमें भारत और ब्रिटेन ने राष्ट्रमंडल संबंधों की शक्ति को मनाया। आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में एक युवा कैफे और छात्रों के लिए हैदराबाद में राष्ट्रमंडल सरकार के प्रमुखों की बैठक का मॉडल (सीएचओजीएम), पुरी में एक फ्रेंडली बीच वॉलीबॉल मैच, दिल्ली में डिफेन्स कम्युनिटी के लिए एक विशेष कार्यक्रम और विभिन्न अन्य रिसेप्शन शामिल थे ।

Edited By: Shashank Shekhar Mishra