लंदन, प्रेट्र। सालाना एशियाई अमीरों की सूची से पता चलता है इनकी संपत्ति पर कोरोना महामारी का असर नहीं पड़ा है। उलटे इसमें जोरदार वृद्धि हुई है। ब्रिटिश एशियाई लोगों की संयुक्त संपत्ति इस वर्ष करीब 100 अरब पाउंड रही जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक है।

एशियन मीडिया ग्रुप की तरफ जारी एशियाई अमीरों की वार्षिक सूची के मुताबिक, ब्रिटेन में मौजूद एशियाई उद्यमियों ने महामारी और ब्रेक्जिट जैसे झटकों का कहीं ज्यादा सफलता से सामना किया है और यह उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि से झलक भी रहा है।

लगातार सातवें साल भी शीर्ष पर हिंदूजा परिवार

मीडिया ग्रुप की सूची में हिंदुजा परिवार लगातार सातवें साल शीर्ष पर रहा है। उसकी संपत्ति में 2.5 अरब पाउंड की वृद्धि हुई है। एशियाई अमीरों की सूची में उन 101 लोगों को जगह दी जाती है, जिनकी कमाई सबसे अधिक है। इस साल की सूची में ब्रिटेन के 15 अरबपतियों का नाम है। यह पिछले साल की तुलना में दो अधिक है। मित्तल परिवार ने इस साल अपनी संपत्ति में सबसे ज्यादा 4.8 अरब पाउंड की वृद्धि दर्ज की है और कुल 14.2 अरब पाउंड के साथ सूची में दूसरे स्थान पर हैं।

कोरोना महामारी का नहीं है कोई असर

पिछले 18 महीनों में आर्सेलर मित्तल कंपनी में निवेश बढ़ने के बीच शेयर की कीमत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अनिल अग्रवाल तीसरे स्थान पर हैं और उनकी संपत्ति में 4.6 अरब पाउंड की वृद्धि हुई है। उनकी संपत्ति बढ़ने का प्रमुख कारण वेदांता के शेयर की कीमत में वृद्धि होना है। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल के मुकाबले ब्रिटिश एशियाई लोगों की संयुक्त संपत्ति में 20 फीसद से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया है। ब्रिटेन के एशियाई अमीरों की सूची में हिंदुजा फिर शीर्ष पर हैं। इससे यह तो स्पष्ट है कि इनपर कोरोना महामारी का भी असर नहीं हुआ है।

Edited By: Monika Minal