लंदन, प्रेट्र। अपने मरने की तारीख जानने को लेकर लोगों के मन में हमेशा कौतूहल बना रहता है। सोशल मीडिया और मोबाइल पर कई ऐसे एप व गेम आ गए हैं जो व्यक्ति के मरने की तारीख बताने का दावा करते हैं। लोगों की इसमें दिलचस्पी भी बनी रहती है। इसी दिशा में वैज्ञानिकों का नया शोध सामने आया है। इसके अनुसार डीएनए का विश्लेषण करने से पता चल सकता है कि किसी व्यक्ति की जिंदगी कितनी लंबी होगी।

ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उम्र को प्रभावित करने वाले आनुवांशिक बदलाव के संयुक्त असर का अध्ययन करके एक स्कोरिंग सिस्टम तैयार किया है। इस स्कोरिंग सिस्टम के जरिए किसी व्यक्ति की आयु का अनुमान लगाया जा सकता है।

शोधकर्ता पीटर जोशी ने कहा, 'यदि हम जन्म के समय या बाद में 100 लोगों को चुनते हैं और स्कोरिंग सिस्टम के आधार पर उन्हें दस समूहों में बांटते हैं तो सबसे नीचे आने वाले समूह के मुकाबले शीर्ष समूह के लोगों की जिंदगी पांच साल ज्यादा होगी।'

अपने शोध के लिए वैज्ञानिकों ने पांच लाख से अधिक लोगों के आनुवांशिक डेटा के साथ-साथ उनके माता-पिता की जीवन अवधि के रिकॉर्ड का भी अध्ययन किया था। इस शोध से उम्र को प्रभावित करने वाली बीमारियों व जैविक प्रक्रिया को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क और हृदय को प्रभावित करने वाले जीन व्यक्ति की आयु को भी प्रभावित करते हैं।

 

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