लंदन, प्रेट्र। भारत के भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम का खास पाकिस्तानी जाबिर मोती अब अमेरिका को प्रत्यर्पित किया जाएगा। अमेरिकी एजेंसियां उससे घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकी दाऊद की काली कमाई और उसके निवेश का राज उगलवाएंगी। जाबिर ही दाऊद की काली कमाई के प्रबंधन का कार्य करता था। 

अमेरिका ने नशीले पदार्थो की तस्करी और मनी लांडिंग मामलों में ब्रिटेन से जाबिर को मांगा था। गुरुवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट जॉन जानी ने अमेरिकी एजेंसियों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को सही मानते हुए जाबिर को लंबित मामलों की जांच के लिए अमेरिका को सौंपे जाने का आदेश दिया। जज ने जाबिर की ओर से पेश तमाम आपत्तियों को खारिज करते हुए ब्रिटिश गृह मंत्रलय को प्रत्यर्पण आदेश जारी करने का आदेश दिया।

प्रत्यर्पण के अपने अनुरोध में अमेरिका ने कहा कि मोती उर्फ मोतीवाला उर्फ जाबिर सिद्दीक दाऊद का करीबी है और एक घोषित आतंकवादी है। दाऊद इब्राहिम मुंबई में 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों का जिम्मेदार माना जाता है। 

फरार चल रहा दाऊद इब्राहिम

दाऊद को मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए आतंकी घोषित किया गया है। दाऊद इन दिनों पाकिस्तान में रह रहा है और वहीं से अपने अवैध धंधे चला रहा है। दाऊद की काली कमाई को अन्य धंधों में लगाने का काम जाबिर करता था। उसे अगस्त 2018 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार किया था, इस समय वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। जेल से ही वीडियो लिंक के जरिये जाबिर की कोर्ट में सुनवाई हुई और उसे आदेश सुनाया गया।

कोर्ट में अमेरिकी एजेंसियों द्वारा पेश साक्ष्यों में वह वीडियो भी है जिसमें जाबिर खुद को दाऊद की डी कंपनी का महत्वपूर्ण सदस्य बता रहा है। इस कंपनी का मुख्य कार्यक्षेत्र भारत, पाकिस्तान और यूएई है। वह अमेरिका में नशीले पदार्थो की तस्करी, मनी लांडिंग जैसे अवैध धंधे भी अंजाम दे रहा है।

Posted By: Shashank Pandey

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