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अमेरिका-ईरान वार्ता और सऊदी आपूर्ति से कच्चे तेल में गिरावट, हूती संघर्ष जारी

Published: Mon, 21 Sep 2026 11:06 PM (IST)

अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावना और होर्मुज स्ट्रेट से सऊदी तेल आपूर्ति बढ़ने के कारण कच्चे तेल का मूल्य 98 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।

सऊदी अरब-हूती में लड़ाई के बीच 100 डॉलर से नीचे आया कच्चा तेल।

सऊदी अरब-हूती में लड़ाई के बीच 100 डॉलर से नीचे आया कच्चा तेल।

HighLights

  1. कच्चे तेल का मूल्य 98 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया।

  2. अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावना, सऊदी तेल आपूर्ति में वृद्धि।

  3. सऊदी अरब और हूती के बीच संघर्ष अभी भी जारी।

डिजिटल डेस्क, लंदन। अमेरिका-ईरान की वार्ता की संभावना और होर्मुज स्ट्रेट के जरिये सऊदी अरब के तेल आपूर्ति बढ़ाने के चलते सोमवार को कच्चे तेल का मूल्य कम होकर 98 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।

सऊदी अरब और हूती के बीच छिड़ी लड़ाई के दौरान तेल की कीमत में यह कमी 11 दिन बाद आई है। इस बीच सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों के हूती के नियंत्रण वाले यमन के शहरों पर 24 घंटों में 28 हमले करने की सूचना है। हूती ने कहा है कि सऊदी के इन हमलों का वह करारा जवाब दे रहा है।

अमेरिका और ईरान ने रविवार को एक-दूसरे के लिए धमकी भरे बयान दिए थे लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से वार्ता की संभावना जताई है। पेजेश्कियान इसी सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के अधिवेशन में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क जाने वाले हैं। इस दौरे में उनकी ट्रंप से मुलाकात हो सकती है।

ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई के अनुसार ईरान ने मध्यस्थों को अपनी शर्तें बता दी हैं। अगर वार्ता होती है तो ईरान की शर्तों को प्रमुखता मिलनी चाहिए। इस बीच ईरान समर्थित हूती की सऊदी अरब और उसकी समर्थित यमन सरकार की सेना से लड़ाई जारी है।

हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तट पर बसे यानबू शहर में स्थित विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के संयंत्रों पर हमले किए हैं। इन हमलों के चलते ही लाल सागर के जरिये सऊदी अरब का तेल निर्यात बाधित है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से सऊदी तेल के निर्यात में बढ़ोतरी से विश्व बाजार में तेल की उपलब्धता में संतुलन स्थापित हुआ और तेल की कीमत नीचे आई है।

तेल के निर्यात पर नजर रखने वाली एजेंसी के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट के जरिये तेल निर्यात में अगस्त की तुलना में हाल के दिनों में चार गुना की वृद्धि हुई है।

ट्रंप ने अंतिम समय हूती पर हमले का मन बदला

पता चला है कि सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान के अनुरोध पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सेना को हूती के ठिकानों पर हमले करने का आदेश दिया था लेकिन बाद में वह आदेश अंतिम समय रद कर दिया।

ट्रंप को मिली खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों से ईरान युद्ध के भड़कने का अंदेशा था और होर्मुज व बाब-अल-मंदेब के समुद्री रास्तों के रुकने का खतरा पैदा हो जाता। इससे अमेरिका के ईरान के बाद यमन में फंसने का भी खतरा था।

विदित हो कि अमेरिका पिछले छह महीनों से ईरान युद्ध में फंसा हुआ है और अमेरिकी राष्ट्रपति को उम्मीद के अनुरूप वहां पर सफलता नहीं मिली है। अमेरिका से नाउम्मीद होने के बाद सऊदी अरब ने अब चीन से हूती को रोकने के लिए उम्मीद बांधी है। सूत्रों के अनुसार चीन अब ईरान के जरिये हूती से वार्ता का प्रयास कर रहा है।

(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)