ब्रिटेन के किले पर पाकिस्तानी झंडा फहराने पर सियासी घमासान, 'रिफॉर्म यूके' ने सरकार से मांगा जवाब
ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें रिफॉर्म यूके ने इसे ब्रिटिश संस्कृति पर कब्जे का प्रयास बताया।

ब्रिटेन में कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडे को लेकर सियासी बवाल

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डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन के वेल्स स्थित ऐतिहासिक कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है।
रिफॉर्म यूके पार्टी के एक वरिष्ठा नेता और आर्थिक प्रवक्ता रॉबर्ट जेनरिक ने सोशल मीडिया पर इस ध्वजारोहण का वीडियो शेयर करते हुए इसे ब्रिटिश संस्कृति पर कब्जा करने और हावी होने का प्रयास करार दिया।
जेनरिक ने सवाल उठाया कि ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहरों पर विदेशी झंडे क्यों दिखाए जा रहे हैं, और दावा किया कि रिफॉर्म सरकार आने पर यह शर्मनाक समर्पण खत्म कर राष्ट्रीय पहचान को फिर से स्थापित किया जाएगा।
कंजर्वेटिव और अन्य दलों का पलटवार
जेनरिक की टिप्पणी के बाद कंजर्वेटिव पार्टी के अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने रिफॉर्म यूके पर कड़ा हमला बोला है। वेल्श कंजर्टेविव एमएस नताशा असगर ने रिफॉर्म यूके पर जानबूझकर नस्लीय विवाद और तनाव भड़काने का आरोप लगाया है।
असगर ने कहा कि विभिन्न समुदायों के सम्मान में आयोजित ध्वजारोहण समारोह किसी कब्जे का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और एकता का तरीका हैं। उन्होंने रिफॉर्म के नेताओं को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होकर असलियत देखने की सलाह दी।
वहीं, प्लैड वेस्टमिंस्टर की नेता लिज सैविल रॉबर्ट्स ने आरोप लगाया कि अपनी पार्टी के अंदरूनी विवादों से ध्यान भटकाने के लिए रॉबर्ट जेनरिक समाज में फूट डालने वाले हथकंडे अपना रहे हैं।
क्यों फहराया गया था झंडा?
इस विवाद को बढ़ता देख कार्डिफ काउंसिल के लेबर पार्टी नेता क्रिस वीवर ने स्पष्ट किया कि 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस और उससे पहले 9 अगस्त को एक विशेष कार्यक्रम के तहत कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराया गया था।
यह कदम शहर में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को मान्यता देने के लिए उठाया गया था।
वीवर ने बताया कि काउंसिल की लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मौकों पर विभिन्न देशों के झंडे फहराने की परंपरा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी कार्डिफ कैसल पर भारतीय झंडा फहराया गया था।
इसके साथ ही, कैसल की दीवारों पर वेल्स और ब्रिटेन के राष्ट्रीय झंडे भी हमेशा की तरह मौजूद थे। उन्होंने इस पूरे विवाद को भ्रामक जानकारी का नतीजा बताते हुए इसे तुरंत खत्म करने की अपील की।
रिफॉर्म यूके का बढ़ता समर्थन
नाइजेल फाराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके पार्टी बिट्रेन में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। हालिया सर्वे में पार्टी को लगभग 35 प्रतिशत वोटरों का समर्थन मिलता दिख रहा है।
2024 के आम चुनावों में 14.13 प्रतिशत वोट और पांच सीटें जीतने के बाद, पार्टी इमिग्रेशन और महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाकर मुख्यधारा की लेबर और कंजर्वेटिव पार्टियों को लगातार घेर रही है।
