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बेईमान मकान मालिक होने के आरोपों की वजह से ब्रिटिश भारतीय शख्स से ओबीई सम्मान छीना गया

Published: Thu, 22 Oct 2026 03:47 PM (IST)

पश्चिम लंदन के ब्रिटिश-भारतीय प्रॉपर्टी कारोबारी निरपाल सिंह रियात का ओबीई सम्मान किंग चार्ल्स ने वापस ले लिया है। उन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. ब्रिटिश-भारतीय निरपाल सिंह रियात का ओबीई सम्मान वापस लिया गया।

  2. अवैध प्रॉपर्टी किराए पर देने के आरोप में कार्रवाई हुई।

  3. किंग चार्ल्स ने 'बेईमान मकान मालिक' रियात से सम्मान छीना।

डिजिटल डेस्क, लंदन। पश्चिम लंदन में प्रॉपर्टी का काम करने वाले एक ब्रिटिश-भारतीय शख्स से ओबीई (OBE) सम्मान वापस ले लिया गया है। ब्रिटिश- भारतीय व्यक्ति से ये सम्मान किंग चार्ल्स ने ले लिया है।

इन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से बदले गए घरों को बहुत ही खराब स्थिति में किराए पर दे दिया था। मामला सामने आने पर सरकार ने ये कार्रवाई की गई।

क्यों लिया गया सम्मान

कैबिनेट ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार इस शख्स ने सम्मान प्रणाली को बदनाम करने की कोशिश की। इस वजह से इस महीने निरपाल सिंह रियात का ओबीई सम्मान रद किया गया।

कब मिला था सम्मान

निरपाल सिंह को ये सम्मान 2011 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने दिया था। उन्हें ये सम्मान चैरिटी और पंजाबी समुदाय के लिए किए गए नेक कार्यों के लिए मिला था। हालांकि 2023 में, हाउंसलो काउंसिल ने उन्हें एक 'बेईमान मकान मालिक'  बताया।

खराब हालत में रह रहे थे किराएदार

काउंसिल ने ये दावा किया है कि उनकी 22 प्रॉपर्टी में रहने वाले किराएदार परेशान थे। वो बेहद खराब हालात में रह रहे थे। उन पर एक प्रॉपर्टी को अवैध रूप से फ्लैटों में बदलने का आरोप है। इसके साथ ही एक बाहरी इमारत को अवैध रूप से किराए पर देने का भी आरोप है।

कोर्ट ने लगाया 3.8 करोड़ रुपये का जुर्माना

इस आरोप के बाद काउंसिल उन्हें कोर्ट ले गई, जहां जजों ने उन पर फाइन लगाया। उन पर 300,000 पाउंड (लगभग 3.8 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगा है।

इधर रियात ने गुरुवार को एक समाचार पत्र से बातचीत के दौरान कहा कि वो इनमें से कुछ आरोपों को नहीं मानते। उन्होंने इसे 'मनगढ़ंत' बताया। इससे पहले दो अन्य ब्रिटिश-भारतीयों - हिंदू काउंसिल यूके के एमडी अनिल भनोट और टोरी पीयर (सांसद) रामी रेंजर का भी सम्मान 2024 में वापस ले लिया गया था।