सीलन भरे और खराब कमरे को किराए पर चढ़ाया, ब्रिटिश भारतीय से वापस लिया गया शाही सम्मान
लंदन में रहने वाले ब्रिटिश-भारतीय मकान मालिक निरपाल सिंह रियात से किंग चार्ल्स तृतीय ने उनका शाही सम्मान वापस ले लिया है।

ब्रिटिश-भारतीय मकान मालिक से शाही सम्मान वापस लिया गया।
HighLights
ब्रिटिश-भारतीय मकान मालिक निरपाल रियात से शाही सम्मान वापस लिया गया।
खराब और सीलन भरे कमरे किराए पर देने पर जुर्माना लगा।
किंग चार्ल्स तृतीय ने ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर रद्द किया।
डिजिटल डेस्क, लंदन। लंदन में रहने वाले एक ब्रिटिश-भारतीय मकान मालिक से किंग चार्ल्स तृतीय ने उनका शाही सम्मान वापस ले लिया है। उन पर सीलन भरे और बेहद खराब हालत वाले कमरों को किराए पर देने के लिए जुर्माना लगाया गया था।
इस महीने जारी हुई ब्रिटिश कैबिनेट आफिस की एक अपडेटेड लिस्ट में निरपाल सिंह रियात का नाम उन लोगों में शामिल था, जिनसे आर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर का सम्मान वापस ले लिया गया है।
रियात को 2010 में दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने दान-पुण्य और पंजाबी समुदाय के लिए किए गए कार्यों के लिए यह शाही सम्मान दिया था। लेकिन अब पाया गया है कि उन्होंने इस सम्मान प्रणाली को बदनाम किया है।
कैबिनेट आफिस ने कहा, 'किंग ने निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2010 को आर्डर आफ द ब्रिटिश एम्पायर (सिविल डिवीजन) के आफिसर के तौर पर निरपाल सिंह रियात की नियुक्ति को रद किया जाए और इस आर्डर के रजिस्टर से उनका नाम हटा दिया जाए।'
रियात ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया। वहीं, भारतीय मूल के एक फार्मासिस्ट और उनके कर्मचारी को एनएचएस प्रिस्क्रिप्शन से जुड़े लगभग 1.3 मिलियन पाउंड के धोखाधड़ी मामले में छह-छह साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में तीन सप्ताह तक चले मुकदमे के बाद, पिछले सप्ताह 46 वर्षीय जिग्नेश पटेल और 42 वर्षीय राहिल पटेल को यह सजा सुनाई गई।
सोर्स- न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के अनुसार
