लंदन, एएनआइ। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन के खिलाफ हाई कोर्ट में एक मुकदमा दाखिल किया गया है। उन पर गृह मंत्रालय के स्थायी सचिव फिलिप रत्नम से कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार करने की आरोपित गृह मंत्री प्रीति पटेल को बचाने का आरोप है। रत्नम ने इस मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया था। रत्नम का आरोप है कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, जिसके पीछे प्रीति पटेल का हाथ था।

लंदन हाई कोर्ट 17 व 18 नवंबर को द एसोसिएशन आफ फ‌र्स्ट डिवीजन सिविल सर्वेट (एफडीए) की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा। एफडीए एक कर्मचारी संघ है, जिसने याचिका के जरिये अदालत से कानूनी वैधता या मंत्रीस्तरीय संहिता पर न्यायिक राय मांगी है।

पटेल ने मंत्रीस्तरीय संहिता का उल्लंघन नहीं किया : जानसन

उधर, जानसन स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि पटेल ने मंत्रीस्तरीय संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। हालांकि, मामले की जांच के लिए नियुक्त उनके स्वतंत्र सलाहकार एलेक्स एलन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गृह मंत्री ने उन उच्च मानकों का पालन नहीं किया, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है। उनका निष्कर्ष था कि पटेल ने मंत्रीस्तरीय संहिता का उल्लंघन किया है, भले ही ऐसा अनजाने में किया हो। अपनी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किए जाने पर एलन ने इस्तीफा दे दिया था।

प्रधानमंत्री ने एक समूह से पटेल को बचाने की अपील की : रिपोर्ट

पीएम जानसन इस मामले के अंतिम निर्णायक हैं और उन्होंने इस मामले को तार्किक परिणाम तक ले जाने से इन्कार कर दिया है। गार्जियन समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री ने एक समूह से पटेल को बचाने की अपील की है। यहां तक कि हाल ही में हुए फेरबदल में पटेल को कैबिनेट से हटाने अथवा कम अहमियत वाले विभाग में भेजे जाने की अटकलें थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

Edited By: Tanisk