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'बैड एपल इफेक्ट' पर रिसर्च: दूसरों के नियम तोड़ने का समाज पर पड़ता है गहरा असर, स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:25 PM (IST)

मनोविज्ञान की 'बैड एपल इफेक्ट' पर हुई नई स्टडी बताती है कि नियम तोड़ने की प्रवृत्ति संक्रामक होती है और लोग दूसरों को देखकर ऐसा करते हैं।

बैड एपल इफेक्ट पर रिसर्च (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

बैड एपल इफेक्ट पर रिसर्च (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. नई स्टडी ने 'बैड एपल इफेक्ट' की सच्चाई उजागर की।

  2. नियम तोड़ने की प्रवृत्ति संक्रामक होती है, लोग प्रभावित होते हैं।

  3. समान राजनीतिक विचारधारा वालों का प्रभाव अधिक गहरा होता है।

डिजिटल डेस्क, लंदन। मनोविज्ञान की दुनिया में चर्चित 'बैड एपल इफेक्ट' को लेकर हुए एक नई स्टडी ने इंसानी सोच की पोल खोल दी है। रिसर्च के अनुसार, सर्च के मुताबिक, नियम तोड़ने की प्रवृत्ति संक्रामक होती है और लोग दूसरों को देखकर ऐसे फैसले लेने लगते हैं जो वे सामान्य तौर पर कभी नहीं लेते।

स्टडी में यह भी सामने आया कि यह असर तब और गहरा हो जाता है, जब नियम तोड़ने वाला व्यक्ति हमारी ही जैसी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा हो।

दरअसल, 750 लोगों पर किए गए एक ऑनलाइन प्रयोग के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि जब लोग दूसरों को नियम तोड़ते देखते हैं, तो वे खुद भी नियमों का उल्लंघन करने लगते हैं।

लोग अक्सर स्वतंत्र निर्णय लेने का दावा करते हैं, लेकिन असल में वे आसपास के लोगों और विशेषकर समान राजनीतिक सोच रखने वालों के व्यवहार से अत्यधिक प्रभावित होते हैं।

जब किसी को पता चलता है कि दूसरे प्रतिभागी ने नियम तोड़ा है तो वह भी ऐसा ही कहता है,यह असर तब ज्यादा मजबूत था, जब सामने वाले की राजनीतिक सोच प्रतिभागी जैसी ही थी।