लंदन, रायटर। एस्ट्राजेनेका की एंटीबाडी काकटेल कोरोना खिलाफ 83 फीसद असरदार पाई गई है। साथ ही वह संक्रमण के खिलाफ कम से कम छह महीने तक सुरक्षा प्रदान करती है। कंपनी ने यह दावा किया है। इससे विश्व में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई और मजबूत होगी। AZD7442 या एवुशेल्ड नामक थेरेपी को पहले तीन महीने के बाद लक्षण वाले मरीजों पर 77 फीसद असरदार पाई गई थी। इस डेटा से कैंसर पीड़ित समेत उन लोगों के लिए कोरोना से सुरक्षा की उम्मीद बढ़ी है, जिनमें टीका प्रभावी नहीं पाई गई है।

एंजलो-स्वीडिश कंपनी ने यह भी कहा कि हल्के से मध्यम लक्षण वाले रोगियों को लेकर एक अलग अध्ययन से पता चला है कि पहली बार लक्षण दिखने के तीन दिन के अंदर एवुशेल्ड की खुराक से हालत बिगड़ने के जोखिम को 88% तक कम हो जाती है। महीनों तक शरीर में बरकरार रहने के लिए बढ़ाया गया एंटीबॉडी उपचार, हाथ में दो अनुक्रमिक शॉट्स के रूप में एक बार में दिया जाता है। इसकी भी दो खुराक दी जाती है। पीयर-रिव्यूड मेडिकल जर्नल में इसके पूरे नतीजे प्रकाशित होंगे।

एस्ट्राजेनेका के कार्यकारी उपाध्यक्ष मेने पंगालोस ने एक बयान में कहा हम दुनियाभर में दवा नियामकों से इस एंटीबाडी काकटेल मंजूरी दिलाने पर प्रगति रहे हैं। साथ ही हम जितनी जल्दी हो सके कोरोना के खिलाफ एक महत्वपूर्ण नया विकल्प तैयार करने में लगे हुए हैं। समूह ने पिछले महीने अमेरिका से दवा के लिए मंजूरी मांगी थी। रेजेनरान, लिली और जीएसके-वीर की मोनोक्लोनल एंटीबाडी को अमेरिकी नियामकों द्वारा अनुमति दी गई है। उन मरीजों को ये दिए जा सकते हैं, जो अस्पताल में भर्ती नहीं हों। 

एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि एंटीबाडी काकटेल मुख्य रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी, जिन्हें कोरोना से सबसे ज्यादा जोखिम है। हालांकि, इससे सैन्य कर्मियों या क्रूज शिप के यात्रियों समेत व्यापक समूह को लाभ पहुंच सकता है। कंपनी ने कहा है कि इसे टीका लगने के बाद ही इसे दिया जाएगा।

Edited By: Tanisk