लंदन (प्रेट्र)। वैज्ञानिकों ने ऐसा नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एप्लीकेशन विकसित किया है, जिसकी मदद से आप अपने विचारों की ताकत से संगीत तैयार कर सकेंगे। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस, जिसे बीसीआइ के नाम से जाना जाता है, संगीत तैयार करने के लिए कुछ हद तक शारीरिक गतिविधियों का स्थान ले सकता है। शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति अपने मस्तिष्क की ताकत से विशेष कृत्रिम अंगों को नियंत्रित करते हैं। इसके लिए वे बीसीआइ की मदद लेते हैं, जिससे इंटरनेट सर्फिंग और ई-मेल लिखने जैसे कुछ काम कर सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया की ग्राज यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने बीसीआइ की कार्यप्रणाली पर विस्तार से अध्ययन किया। इसके बाद दल ने एक ऐसा एप्लीकेशन तैयार किया, जिसके जरिए संगीत तैयार कर उसे म्यूजिकल स्कोर पर स्थानांतरित किया जा सकता है। वो भी अपने विचारों की ताकत से।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस एप्लीकेशन को तैयार करने के लिए एक विशेष टोपी जो मस्तिष्क की तरंगों को समझ सके, बीसीआइ, संगीत बनाने के लिए एक सॉफ्टवेयर और संगीत की थोड़ी समझ की जरूरत पड़ी। इसके लिए शोधकर्ताओं ने बीसीआइ पद्धति के आधारभूत सिद्धांत पी300 का इस्तेमाल किया। इसमें विभिन्न विकल्प होते हैं, जैसे कि शब्द या नोट्स, पॉसेज, कॉर्डस आदि। यदि व्यक्ति प्रशिक्षित है तो उसे मस्तिष्क की तरंगों को बदलने में एक मिनट लगेगा। बीसीआइ चुने गए विकल्प के आधार पर उस परितर्वन को समझकर निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी।

प्लस वन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने 18 व्यक्तियों से कुछ मधुर सोचने को कहा। ग्राज यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के गर्नाट मुलर-पुत्ज के मुताबिक, बीसीआइ से तैयार संगीत न केवल सुनने लायक, बल्कि आनंदमय था। एक ट्रेनिंग सेशन के बाद सभी मधुर संगीत बनाने लगे।

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Posted By: Monika minal

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