लंदन [प्रेट्र]। हवाईअड्डों पर प्रयोग होने वाली ट्रे में शौचालयों से भी अधिक वायरस होते हैं। इनसे बीमारी फैलने का खतरा बहुत अधिक होता है। एक अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने यह चेतावनी दी है। यात्री इन ट्रे का प्रयोग सिक्योरिटी चेकप्वाइंट पर अपने हाथों में मौजूद सामान की जांच के लिए करते हैं।

ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के शोधकर्ताओं ने वर्ष 2016 की सर्दियों के दौरान फिनलैंड के हेलसिंकी-वंता हवाईअड्डे पर यह अध्ययन किया। उन्होंने उन चीजों में वायरस के स्तर का पता लगाया, जिन्हें अमूमन हवाईअड्डों पर सबसे ज्यादा छुआ जाता है। इसमें ट्रॉली, ट्रे आदि सभी शामिल थे। उन्होंने जिन चीजों की जांच की उनमें से 10 फीसद में वायरस की मौजूदगी का पता लगा। इनमें सबसे ज्यादा प्लास्टिक की वे ट्रे थीं, जिन्हें छोटे सामानों की एक्स-रे जांच के लिए यात्रियों को दिया जाता है।

बीएमसी इन्फेक्शन डिसीजेज नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर उन चीजों में वायरस का खतरा सबसे अधिक होता है, जो कई लोगों के हाथों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि इन्हें छूने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस नवीन अध्ययन ने पूर्व में किए गए उन अध्ययनों को भी बल दिया है, जिनमें बताया गया था कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों में जीवाणु मौजूद होते हैं। पूर्व के अध्ययनों में बताया जा चुका है कि इनसे फ्लू फैलने का खतरा रहता है। इन अध्ययनों में इनसे बचने के लिए सबसे ज्यादा यह वायरस मिला शोधकर्ताओं के मुताबिक, जांच के दौरान यहां राइनोवायरस सबसे अधिक पाया गया, जो सामान्य सर्दी (कोल्ड) का सबसे अधिक कारण बनता है। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा ए के वायरस भी पाए गए।

इन स्थानों पर भी मिले वायरस

फिनलैंड के हेलसिंकी-वंता हवाईअड्डे पर केवल सिक्योरिटी चेकप्वाइंट पर ट्रे में ही वायरस नहीं मिले, बल्कि कई स्थानों पर इनकी पुष्टि हुई है। यहां शॉप पेमेंट टर्मिनल्स, सीढ़ियों, पासपोर्ट चेकिंग काउंटर, बच्चों के खेलने वाले स्थान और यहां तक कि हवा में भी वायरस पाए गए।

जागरूक करने के किया गया अध्ययन

नाटिंघम विवि में प्रोफेसर वैन टैम कहते हैं, यह अध्ययन लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया गया है। इससे वे जान सकेंगे कि ऐसे स्थानों पर किन चीजों से उनके स्वास्थ्य को खतरा और किन चीजों से उन्हें बचकर रहना है। वह कहते हैं, लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर हाथों को साफ रखना चाहिए।

Posted By: Sanjay Pokhriyal