युद्ध के बीच बड़ा मतदान: रूस के कब्जे वाले 4 यूक्रेनी प्रांतों और क्रीमिया में वोटिंग, पुतिन ने कीव पर लगाए गंभीर आरोप
रूस में संसदीय चुनाव के दूसरे दिन शनिवार को भी मतदान जारी रहा। तीन दिनों की मतदान प्रक्रिया में यूक्रेन ...और पढ़ें

रूस के कब्जे वाले चार पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों और क्रीमिया में मतदान
HighLights
यूक्रेन ने कहा, रूसी चुनाव को मान्यता न दे अंतरराष्ट्रीय समुदाय
पुतिन ने कहा, चुनाव को बाधित करने की कोशिश कर रहा यूक्रेन
एपी, मॉस्को। रूस में संसदीय चुनाव के दूसरे दिन शनिवार को भी मतदान जारी रहा। तीन दिनों की मतदान प्रक्रिया में यूक्रेन के कब्जे वाले चार क्षेत्रों में भी अन्य रूसी क्षेत्रों की तरह वोट पड़ रहे हैं।
यूक्रेन का हिस्सा रहे डोनेस्क, लुहांस्क, खेरसान और जपोरीजिया के हिस्सों को रूसी सेना ने बीते साढ़े चार वर्षों के युद्ध के दौरान जीता है। इसके बाद रूस ने सितंबर 2022 में इन क्षेत्रों में जनमत संग्रह करवाकर उन्हें औपचारिक रूप से रूसी संघ में शामिल कर लिया था।
संसदीय चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि रूस के इन नए क्षेत्रों में 35 लाख से ज्यादा मतदाता हैं और वे उत्साह से वोट डाल रहे हैं। वैसे इन पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों के रूस में शामिल होने की प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है।
इसके अतिरिक्त क्रीमिया में भी वोट डाले जा रहे हैं। इस पूर्व यूक्रेनी प्रायद्वीप पर रूस ने 2014 में कब्जा किया था। रूस में मतदान की प्रक्रिया तीन दिन चलेगी, इसके बाद मतगणना होगी।
चुनाव में मतदान के लिए उमड़ रही भीड़ यूक्रेन से लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन का द्योतक है। यह बात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने संदेश में कही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन और कुछ अन्य देश रूस के चुनाव की प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। वे चुनाव को लेकर दुष्प्रचार भी कर रहे हैं।
विदित हो कि रूसी संसद के निचले सदन ड्यूमा के पुनर्गठन के लिए हो रहे इस चुनाव में पुतिन के सामने कमजोर विपक्ष है।
ऐसे में माना जा रहा है कि पुतिन पुन: राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होंगे और यूक्रेन को लेकर रूस की नीति नहीं बदलेगी।
इस बीच यूक्रेन ने कहा है कि रूस द्वारा ताकत से कब्जा किए यूक्रेनी इलाकों में लोगों को धमकी देकर मतदान करवाया जा रहा है इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय रूसी चुनाव को मान्यता न दे।
