मोस्‍को [ एजेंसी ]। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक बयान से इस बात की आशंका प्रबल हो गई है कि दुनिया में शांति हो चुके शीत युद्ध की चिंगारी दोबारा सुलग सकती है। रूसी राष्ट्रपति के एक बयान से अमेरिकी प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। आखिर पुतिन ने ऐसा क्‍या कह दिया, जिससे दुनिया का सबसे शक्तिशाली मुल्‍क अमेरिका चौंकान्‍ना हो गया। आइए जानते हैं पुतिन के इस कथन के पीछे का पूरा सच और उनके बयान की सच्‍चाई। दरअसल, मार्च में राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्र के संबोधन के दौरान अपने हाइपर्सोनिक शस्त्रागार को 'अजेय' बताया था।

'महायुद्ध में अजेय रहेगा रूस'

हाल में मॉस्को में सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक में पुतिन ने रूस को दुनिया का सबसे शक्तिशाली मुल्‍क के रूप में घोषित किया। उनकी यह धारणा अजेय रूस से मेल खाती है। राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी बात को यही विराम नहीं दिया। उन्‍होंने अपने मुल्‍कों के उन अत्‍याधुनिक हथियारों से से भी पर्दा उठा दिया, जिसकी अमेरिका समेत दुनिया में किसी मुल्‍क के पास कोई काट नहीं है। दरअसल, सैन्‍य सम्‍मेलन में पुतिन का यह उत्‍साही बयान रूस के लिए नया संकट खड़ा कर सकता है। अमेरिका ने पुतिन के इस बयान को गंभीरता से लिया है। उसने पुतिन के बयान के हवाले से कहा है कि रूस ने 1987 इंटरमीडिएट-रेंज परमाणु संधि का उल्‍लंघन किया है। बता दें कि 1987 में हुई अंतरराष्‍ट्रीय समझौते के तहत अमरीका और सोवियत संघ को 500 से पांच हज़ार किलोमीटर तक की मार करने वाले परमाणु हथियार को नष्ट करना था। इस करार पर सोवियत संघ राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव और अमेरिका के तत्‍कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने हस्‍ताक्षर किए थे। उधर, रूसी राष्‍ट्रपति ने अमेरिकी आरोपों का सिरे से खंडन किया है।

क्‍या सच में महायुद्ध में अजेय है रूस
यहां एक बड़ा सवाल यह है कि क्‍या सच में महायुद्ध की स्थिति में रूस अजेय हागा। अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दावे पर भरोसा करें तो उन्‍होंने अपने देश को दुनिया के सबसे ताकतवार मुल्‍क घोषित किया है। हालांकि, उन्‍होंने यह बात हवा में नहीं कही है। रूस को अजेय बताने में उन्‍होंने अपने उन सैन्‍य हथियारों का जिक्र किया है, जो पूरी दुनिया में उसे महाशक्तिशाली देश के रूप में स्‍थापित करते हैं।  उनका दावा है कि रूस के इन नए आधुनिक हथियारों के आगे कोई विदेशी ह‍थियार नहीं टिकता है। यानी कोई भी हथियार उसके समकक्ष नहीं है। उन्‍होंने कहा कि दशकों से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह हमारी मदद करेगा।

ये हथियार रूस को बनाते हैं अजेय

1- द्वीपों को भेदने में सक्षम है ये ताकतवर सरमाट
इसे साटन-2 के नाम से भी जानते हैं। इस नई मिसाइल प्रणाली के परीक्षण से रूस एक नए मिसाइल दौर में प्रवेश कर चुका है। सरमाट को सोवियत युग के वोयेवोडा मिसाइल की जगह प्रस्तुत किया गया है, जिसकी ताक़त कहीं अधिक है। यह कम समय में दुश्‍मनों के छक्‍के छुड़ाने में समर्थ है। इसमें 10 परमाणु हथियार होते हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरमाट दस बड़े थर्मोन्यूक्लियर वारहेड, 16 छोटे, या दोनों को एक साथ संचालित करने की क्षमता है। प्रत्येक वारहेड एक अलग लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इसको मिसाइल रक्षा प्रणाली के तहत रोक पाना काफी मुश्किल है। इसका उद्देश्‍य दुनिया का सबसे भारी आईसीबीएम (इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) को प्रतिस्थापित करना है। इसे पश्चिम में 'शैतान' के रूप में जाना जाता है।
2- दुनिया में बजता है हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल का डंका
रूस के इस हाइपर्सोनिक किंझल का लोहा पूरी दुनिया मानती है। यह मिसाइल ध्‍वनि की गति से दस गुना तेजी से अपने लक्ष्‍य को भेदने में सक्षम है। यह दुश्‍मन के दो हजार किलोमीटर की दूरी से सटीक निशाना साध सकती है। इसकी तेज गति के कारण इसे भेदना या पकड़ पाना बहुत मुश्किल है। रूस के मुताबिक यह मिसाइल हवा में लॉन्च की जा सकती है। किंझल मिसाइल ऊंचाई वाले मिग-31 लड़ाकू विमान से लॉन्च किया जा चुका है। इसे परमाणु या पारंपरिक हथियार के साथ भी लगाया जा सकता है।
3- सीधी और खड़ी मार करने में सक्षम है एवनगार्ड
एवनगार्ड यह एक नए प्रकार का नया हथियार है। रूस इसका सफल परीक्षण कर चुका है। इसकी रफ्तार 25 हज़ार किलोमीटर प्रतिघंटे  है। यह मिसाइल भी एक द्वीप से दूसरे द्वीप में आसानी से लक्ष्‍य भेद सकती है। यह कई हज़ार किलोमीटर तक सीधी और खड़ी मार कर सकती है। यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक आग के गोले की तरह पहुंचती है। इसकी एक खास बात यह है कि यह इसे एक खास तापमान पर छोड़ा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि एवनगार्ड एक उल्कापिंड की तरह हमला करता है। इस गति पर ये हथियार पृथ्वी पर आधे घंटे में सर्कल कर सकता था।
4- रूसी सेना का हिस्‍सा बने लेजर हथियार
रूस ने लेजर हथियारों के निर्माण के लिए एक अहम क़दम उठाया है। रूस की सैनिक बेड़े में ये लेजर हथियार शामिल हो चुके हैं। हालांकि, रूस ने अपनी इस मिसाइल को अभी तक गोपनीय रखा है। इस मामले में रूसी सेना का कहना है कि अभी लेजर हथियार के बारे में बताने का सही समय नहीं है। लेकिन रूसी सेना यह कबूल करती है कि लेजर हथियारों से रूसी सेना दुनिया की ताकतवर सेना बन चुकी है।
5- असीमित दूरी तक मार करने वाली क्रूज मिसाइल
रूसी सेना ने अभी तक इसका नाम तय नहीं किया है। हालांकि, सेना के मुताबिक यह एक नए तरह की रणनीतिक मिसाइल है, जो लक्ष्य भेदने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल की तरह नहीं मार करती है। यही कारण है कि इसे मिसाइल रक्षा प्रणाली से रोकना मुश्किल है। यह असीमित दूरी तक मार सकती है।
6- पानी के नीचे से स्वतः मार करने वाली मिसाइल
इस परमाणु हथियार को नाम भी तय नहीं हो सका है। यह समुद्र के अंदर दुश्‍मन के लक्ष्‍य को भेदने में सक्षम है। यह एक मिसाइल मानव रहित है। इस तरह से रूस का दावा है कि उसने पानी के अंदर से मार करने वाली मिसाइल बना ली है। खास बात यह है कि यह मानव रहित मिसाइल है। यह पनडुब्बी से कहीं ज़्यादा तेज़ और शक्तिशाली है।

Posted By: Ramesh Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस