मॉस्‍को, एजेंसी। रूस में विमान हादसे को लेकर पूरा देश सदमे में है। रविवार को राजधानी मॉस्‍को के बाहरी इलाके में एक घरेलू यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी 71 लोगों की मौत हो गई। यह विमान राजधानी के डोमोडेडोवो एयरपोर्ट से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद हादसे का शिकार हो गया। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने शोक व्यक्त करने के साथ ही विशेष जांच आयोग गठित करने की घोषणा की है। वहीं सोमवार को रूसी आपातकालीन मंत्री व्लादिमीर पुचकोव ने कहा कि दुर्घटनास्‍थल पर तलाशी अभियान में एक हफ्ता लग सकता है।

रूसी एजेंसी 'टास' के अनुसार, मंत्री ने कहा कि चूंकि विमान में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई, इसलिए दुर्घटनास्‍थल पर बचाव अभियान तलाशी अभियान में तब्‍दील हो गया है। उन्‍होंने कहा कि बचाव प्रयास को बंद कर दिया गया है। हमने आधिकारिक रूप से कह दिया है कि विमान में सवार सभी 71 लोगों की मौत हो गई। उनके परिवार और करीबी संबंधियों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। उन्‍होंने बताया कि तलाशी अभियान के मुख्‍य चरण को सात दिनों में पूरा किया जाएगा, क्‍योंकि काफी बड़ी जगह में विमान के टुकड़े बिखरे हैं और बर्फबारी की वजह से काफी दिक्‍कतें आ रही हैं।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पीड़ितों के परिवार को हर तरह की सहायता मुहैया कराना है और जहां से भी यात्री थे उन इलाकों में यह जारी भी है।

रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घरेलू साराटोव एयरलाइंस का विमान शॉर्ट-हॉल एएन-148 यात्रियों को लेकर यूराल क्षेत्र के ओ‌र्स्क शहर के लिए रवाना हुआ था। यह मॉस्को के बाहरी जिले रामेंस्की में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 65 यात्री (एक स्विस नागरिक भी शामिल) और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। विमान उड़ान भरने के 10 मिनट बाद ही रडार से गायब हो गया था। रामेंस्की के अंतर्गत आने वाले आग्र्यूनोवो गांव के चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने एक जलते हुए विमान को आसमान से नीचे गिरते देखा।

विमान का करीब एक किमी की परिधि में फैला हुआ मलबा मिल गया है, जिसमें फ्लाइट रिकॉर्डर शामिल है। मारे गए लोगों के शव भी बिखरे पड़े हुए हैं। रूस के परिवहन मंत्री मैक्सिम सोकोलोव ने बताया कि हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है और मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराने होंगे। अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है। लेकिन रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि खराब मौसम, तकनीकी खराबी और पायलट की गलती समेत हादसे के कई संभावित कारणों पर गौर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हादसे से पहले विमान के पायलट ने खतरे का कोई संकेत नहीं भेजा था।

Posted By: Pratibha Kumari