मास्को, एपी। फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में शामिल होने की चर्चाओं के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बड़ा बयान सामने आया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यदि वे नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करते हैं तो रूस को स्वीडन या फिनलैंड के साथ कोई समस्या नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इन देशों में किसी भी सैन्य विस्तार पर रूस अपनी प्रतिक्रिया करेगा।

पुतिन रूस के नेतृत्व वाले सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन के मास्को में एक शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे, जिसमें पांच अन्य पूर्व सोवियत देश भी शामिल हैं। इस दौरान फिनलैंड और स्वीडन पर चर्चा करते हुए पुतिन ने साफ तौर से कहा कि रूस को इन दोनों देशों (फिनलैंड और स्वीडन) से कोई समस्या नहीं है। इसलिए इस अर्थ में इन देशों के विस्तार से रूस के लिए कोई सीधा खतरा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार निश्चित रूप से प्रतिक्रिया में हमारी प्रतिक्रिया को जन्म देगा।

रूस पड़ोसियों के नाटो में शामिल होने का करता रहा है विरोध

बता दें कि अभी हाल ही में स्वीडन की सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने नाटो में जाने पर सहमति जाहिर की है। दोनों ही देश रूस से सीमा साझा करते हैं, ऐसे में उनका नाटो में जाना रूस की चिंताओं को बढ़ा सकता है। रूस पड़ोसियों के नाटो में शामिल होने का विरोध करता रहा है।

ईरान की यात्रा को लेकर पुतिन की अगवानी के लिए तेहरान है तैयार

वहीं, दूसरी ओर तेहरान को उम्मीद है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की यात्रा करेंगे। मास्को में ईरानी राजदूत काजेम जलाली ने समाचार एजेंसी स्पुतनिक के साथ एक साक्षात्कार में ये बात कही है। जलाली ने कहा कि हम उचित समय पर तेहरान में पुतिन का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। हम तेहरान में अस्ताना प्रारूप वाले देशों के नेताओं का एक शिखर सम्मेलन आयोजित करने में भी रुचि रखते हैं।

राजनयिक ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी 19 जनवरी को दो दिवसीय यात्रा पर मास्को पहुंचे थे, जिसने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ को चिह्नित किया था।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan