मॉस्को, (एजेंसी)। सीरिया में जारी वर्तमान संकट के मद्देनजर रूस के सरकारी टीवी ने दर्शकों से तीसरे विश्व युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। एक विशेषज्ञ अलेक्जेंडर गोल्ट्स ने कहा कि एक साल पहले मैंने कहा था कि हम नए शीत युद्ध में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन कोई भी मुझसे सहमत नहीं था। अब हर कोई सहमत है, लेकिन यह भी साफ हो चुका है कि दूसरे विश्व युद्ध में हालात तेजी से बदल रहे थे। इसकी अभी बस शुरुआत भर हुई है। उधर, अमेरिका में रूस के इस आकलन की जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है।

अमेरिका में कहा जा रहा है कि यह दिलचस्प है कि रूसी ऐसी बेकार की बातों में विश्वास कर रहे हैं। ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अमेरिकी बम शेल्टर प्रोड्यूसर्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।बताते चलें कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरियाई सेना और केमिकल रिसर्च सेंटर को निशाना बनाते हुए 100 मिसाइलें दागी हैं। इस बीच रूस, सीरिया के समर्थन में उतर आया है। रूसी कर्नल-जनरल सर्गेई रुडस्कोई ने शनिवार को बताया कि रूस सीरिया और अन्‍य देशों को एस-300 मिसाइल सिस्‍टम की आपूर्ति करा सकता है।

रुडस्‍कोई ने साथ ही कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया पर जो मिसाइल दागी हैं, उनसे वहां की स्थिति और खराब हो जाएगी। उन्‍होंने बताया कि सीरिया के ज्‍यादातर शहरों में अब स्थिति शांत है। सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हुए रासायनिक हमले का अमेरिका ने बदला लिया है। अमेरिका ने अपने सहयोगी फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर सीरिया पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरियाइ सेना और 'केमिकल रिसर्च सेंटर' को निशाना बनाया।

तुर्की ने सीरिया पर हमले को सराहा

तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यिप एर्डोगन ने सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की सेना के हमले का स्वागत किया है। इस्तांबुल में अपनी पार्टी के समर्थकों से उन्होंने कहा कि इस अभियान से सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को संदेश दिया गया है कि उनके नरसंहार को अनुत्तरित नहीं छोड़ा जाएगा। सीरिया के निर्दोष नागरिकों की रक्षा की जाएगी।

अल्जीरिया ने पश्चिम के हवाई हमले की आलोचना की

अल्जीरिया ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के हवाई हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री अहमद ओउयाहिया ने शनिवार को कहा कि उनका देश केवल हमले पर पश्चाताप जाहिर कर सकता है। कोई कदम उठाने से पहले कथित रासायनिक हमले की जांच के परिणाम की प्रतीक्षा की जानी चाहिए थी।

सुरक्षा परिषद में रूसी प्रस्ताव गिरा, अमेरिका फिर करेगा कार्रवाई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के हमले की निंदा का रूसी प्रस्ताव विचार के लिए स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर सका। रूसी प्रस्ताव को समर्थन के लिए आवश्यक नौ सदस्य नहीं मिले, इसके परिणामस्वरूप वह प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही गिर गया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने साफ किया कि सीरिया में अगर दोबारा रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ तो अमेरिका और मित्र देश फिर से उस पर कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

Posted By: Arti Yadav

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