यूरोपीय क्षेत्र में रूस का शक्ति प्रदर्शन, Kh-101 मिसाइलों के साथ बैरेन्ट सागर में गश्त
यूक्रेन तनाव के बीच रूसी Tu-95MS बमवर्षकों ने Kh-101 मिसाइलों से लैस होकर बैरेन्ट सागर में 5 घंटे उड़ान भरी। ...और पढ़ें

रूस का शक्ति प्रदर्शन (तस्वीर- सोशल मीडिया)
HighLights
रूस ने Tu-95MS बमवर्षकों से यूरोपीय क्षेत्र में शक्ति दिखाई।
बमवर्षक Kh-101 क्रूज़ मिसाइलों से लैस थे, नाटो ने प्रतिक्रिया दी।
रूस ने अपनी रणनीतिक ताकत और नाटो की तैयारी का परीक्षण किया।
डिजिटल डेस्क, मॉस्को। यूक्रेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रूस की नई रणनीति सामने आई है। इस बार रूस ने अपने शक्तिशाली रणनीतिक बमवर्षक विमानों के जरिए यूरोपीय क्षेत्र में एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय से जुड़े रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी Tu-95MS बमवर्षकों ने बेैरेन्ट सागर और नॉर्वेजियन सागर के ऊपर करीब 5 घंटे तक लगातार गश्त की।
करीब पांच घटों तक भरी उड़ान
बता दें कि रूस के ये Tu-95MS बमवर्षक हवा में करीब 5 घंटे तक रहे। इन्होंने स्कैंडिनेवियाई देशों के उत्तर में स्थित अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी। आमतौर पर ट्रेनिंग या सामान्य उड़ानों के दौरान ये रणनीतिक विमान मिसाइलें लेकर नहीं उड़ते हैं।
हालांकि इस बार ये विमान Kh-101 क्रूज़ मिसाइलों से लैस थे। इन बमवर्षकों की सुरक्षा के लिए रूसी नौसेना के Su-33 फाइटर जेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट किया।
अब समझिए Kh-101 मिसाइल और Tu-95MS की ताकत
बात अगर Kh-101 क्रूज मिसाइल की करें तो, यह रूस की एक बेहद आधुनिक और लंबी दूरी की मिसाइल है, जिसे खासतौर पर जमीन पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लॉन्च होने के बाद अपने नेविगेशन सिस्टम की मदद से खुद-ब-खुद अपने टारगेट तक पहुंचती है।
वहीं दूसरी ओर Tu-95MS विमान की बात करें तो, यह इस मिसाइल का मुख्य वाहक है, जो अपने अंदर और बाहर बने लॉन्चर्स से इन खतरनाक मिसाइलों को दागने में सक्षम है।
रूस की ताकत देख नाटो सतर्क
गौर करने वाली बात यह है कि रूस के इस शक्ति प्रदर्शन को देखकर नाटो देश भी सतर्क हो गए। इस गतिविधि को नजरअंदाज न करते हुए नाटो देशों ने तुरंत अपने फाइटर जेट्स को हवा में रवाना किया। इन विदेशी लड़ाकू विमानों ने अपनी सीमा के पास उड़ रहे रूसी बमवर्षकों पर नजर रखी और उनके रास्ते के कुछ हिस्से में उन्हें मॉनिटर किया।
अब समधिए रूस के इस कदम के क्या मायने हैं?
गौरतलब है क ऐसे समय में रूस इस तरह की गतिविधियों के जरिए एक साथ कई संदेश देना चाहता है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि रूस की लंबी दूरी की परमाणु और रणनीतिक ताकत पूरी तरह सक्रिय है।
दूसरी तरफ विशेषज्ञों का तो यहां तक मानना है कि रूस के इस शक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य यह जांचना है कि किसी आपात स्थिति में नाटो देश कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं और उनकी वायु रक्षा प्रणाली कितनी तैयार है।
