विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'नए प्रतिबंध कानून से ट्रंप की शांति कोशिशों को लगेगा झटका', अमेरिका के कड़े रुख पर रूस ने दी चेतावनी

Published: Mon, 21 Sep 2026 04:00 AM (IST)

अमेरिका के नए प्रतिबंध कानून पर रूस ने चेतावनी दी है कि यह यूक्रेन में शांति समझौते की कोशिशों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून पर रूस की चेतावनी

नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून पर रूस की चेतावनी

HighLights

  1. रूस ने अमेरिका के नए प्रतिबंध कानून पर कड़ी चेतावनी दी।

  2. प्रतिबंधों से यूक्रेन में शांति वार्ताएं और जटिल होंगी।

  3. क्रेमलिन ने कहा, अमेरिकी कदम मित्रवत नहीं, सकारात्मक असर नहीं।

डिजिटल डेस्क, मास्को। यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिका में पारित नए प्रतिबंध कानून को लेकर मास्को ने चेतावनी दी है। रूस का कहना है कि नए प्रतिबंध यूक्रेन में शांति समझौते की कोशिशों को उल्टा प्रभावित कर सकते हैं।

क्रेमलिन के अनुसार, अमेरिका की ओर से अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने से पहले से ही मुश्किल में चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया और जटिल होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध कानून-2026 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया। यह कानून रूस पर मौजूदा प्रतिबंधों को कानूनी आधार देने के साथ उसके ऊर्जा कारोबार और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले जहाजों के बेड़े पर कार्रवाई के प्रविधानों को मजबूत करता है।

रूस के तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई

कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है।

वहीं, अमेरिका में रूस से आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। यानी 500 प्रतिशत टैरिफ रूस के तेल खरीदने वाले देशों पर स्वत: लागू होने वाला प्रविधान नहीं है, बल्कि रूस से सीधे अमेरिकी आयात पर लागू किए जा सकने वाले टैरिफ की अधिकतम सीमा है।

पेस्कोव बोले- सकारात्मक असर की उम्मीद नहीं

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका का यह कदम मित्रवत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से कोई भी अतिरिक्त प्रतिबंध यूक्रेन में शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के प्रयासों को निश्चित रूप से मुश्किल बनाएगा।

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआइए नोवोस्ती के अनुसार, पेस्कोव ने कहा कि नए कानून का कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं हो सकता।

वाशिंगटन स्थित रूसी दूतावास ने भी नए कानून की आलोचना की है। दूतावास ने कहा कि इससे ट्रंप प्रशासन की ‘अमेरिका को फिर से महान बनाने’ की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है।

रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने भी नए कानून पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे रूस के खिलाफ कदम बताया और कहा कि मास्को को इसका जवाब देना चाहिए। मेदवेदेव ने सैन्य प्रतिरोध की भाषा में जवाब देने की बात भी कही है।