मॉस्को, रायटर। दुनिया के कई देशों में हैकिंग के आरोपों में घिरे रूस ने खुद को इससे पीडि़त बताया है। रूस ने कहा कि हैकरों ने उसके कई बैंकों को निशाना बनाया और एक अरब रूबल (करीब 111 करोड़ रुपये) उड़ा ले गए।

रूस समर्थित हैकरों पर अमेरिका और यूरोप में कई साइबर हमलों को अंजाम देने के आरोप लगे हैं। इसमें रूस की भूमिका को लेकर इन देशों में जांच चल रही है। रूस ने हालांकि अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इन्कार किया है। ऐसी स्थिति में रूस के अधिकारी अब यह दिखाना चाहते हैं कि उनका देश भी साइबर अपराध से प्रभावित है। इससे निपटने के लिए वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

रूस के सेंट्रल बैंक के डिप्टी गवर्नर दमित्रि स्कोबेलकिन ने रूस के मैग्निोटोगो‌र्स्क शहर में एक सुरक्षा सम्मेलन ने कहा कि पिछले साल कोबाल्ट स्ट्राइक सिक्यूरिटी-टेस्टिंग टूल के जरिये 21 साइबर हमले किए गए। इन हमलों में 240 क्रेडिट आर्गेनाइजेशन को निशाना बनाया गया। इसके जरिये करीब एक अरब रूबल से ज्यादा की चोरी की गई। कोबाल्ट स्ट्राइक एक तरह का सिक्योरिटी टूल है। इसका उपयोग किसी संगठन की साइबर सुरक्षा क्षमता आंकने के लिए किया जाता है लेकिन हैकर्स रूस और यूरोप के बैंकों पर हमले में इसका उपयोग करते हैं।

 

Posted By: Kishor Joshi