मॉस्को, रायटर। रूस की राजधानी मॉस्को के नगर निकाय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रूस पार्टी भले फिर बहुमत पाने में सफल हो गई, लेकिन उसकी करीब एक तिहाई सीटें कम हो गईं। इसे पुतिन समर्थकों के लिए करारी शिकस्त के तौर पर देखा जा रहा हैं क्योंकि कई विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था।

मॉस्को समेत देशभर में बीते रविवार को निकाय चुनाव कराए गए। यूनाइटेड रूस का मॉस्को को छोड़ बाकी शहरों में अच्छा प्रदर्शन रहा। मॉस्को के चुनाव पर लोगों की खास नजर थी। कई विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोके जाने पर शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।

यूनाइटेड रूस ने उतारे निर्दलीय उम्मीदवार
इस चुनाव में हालांकि यूनाइटेड रूस सीधे नहीं उतरी थी। उसने निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे। आरआइए न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले चुनाव में यूनाइटेड रूस के खाते में जितनी सीटें आई थीं, उनमें से करीब एक तिहाई सीटें वह इस बार हार गई।

यूनाइटेड रूस समर्थित 26 उम्मीदवारों को ही जीत मिली। कम्युनिस्ट पार्टी के खाते में 13 सीटें आई हैं। दो अन्य विपक्षी दलों के तीन-तीन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वर्ष 2014 के चुनाव में मॉस्को नगर निगम की 45 सीटों में से 38 पर यूनाइटेड रूस और इसके समर्थकों ने कब्जा किया था। पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को में झटका लगने के बावजूद यूनाइटेड रूस ने देशभर में अच्छा प्रदर्शन किया है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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